Wednesday, June 03, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
सरकारी अस्पतालों में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पीपीपी मोड पर करवाया जाएगा : आरती सिंह रावभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भाजपा हरियाणा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शिष्टाचार भेंट कर उनका आभार व्यक्त कियाअंबाला: गाँव मंडोर में जिंदल गद्दा फैक्टरी में लगी भयानक आग, फायर बिग्रेड की कई गाड़ियां और पुलिस पहुंची,हुआ करोड़ों रुपये का नुकसानगुरुग्राम:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक शुरू जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में 16 एजेंडा रखे गएमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क (लेजर वैली) मुख्यमंत्री ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की श्रृंखला में हजारों लोगों के साथ किया योग अभ्यास,उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक बिमला चौधरी, विधायक मुकेश शर्मा, विधायक रणधीर पनिहार रहे साथ में मौजूद , योग आयोग हरियाणा के चेयरमैन जयदीप आर्य ने कराया योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यासबिहार, झारखंड, ओडिशा में 6 जून तक बारिश का अलर्ट, महाराष्ट्र-गुजरात में भी बरसेंगे बादलदिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 साल की उम्र में ली आखिरी सांसकर्नाटक: हूबली में RCB की जीत का जोरदार जश्न, चिन्नम्मा सर्कल पर उमड़े फैंस
 
National

भावना तो तर्क वितर्क से परे होती है!

January 19, 2022 07:12 PM
डॉ कमलेश कली 
बचपन से ही मेरी मां हम सब को  खाना खाने से पहले भगवान को भोग लगाने के लिए कहती थी, और कुछ नहीं तो कृष्ण अर्पणं बोल दो ऐसा कहती थी। घर में विशेष अवसरों पर विधिवत भोग लगता था और ऐसा माना जाता था कि भोग लगाने से सब प्रभु प्रसाद बन जाता है, फिर तेरा मेरा नहीं रहता,बरकत भी रहती है,रज भी होता है अर्थात तृष्णा नहीं रहती। मंदिर, गुरुद्वारे और सब धर्म स्थलों पर भोग लगाने और फिर प्रसाद वितरण करने के अपनी  अपनी प्रथा होती है पर किसी न किसी रूप में  अर्पित जरुर किया जाता है, यहां तक यज्ञ करते हुए भी नैवेद्य समर्पित किया जाता है।एक बार एक छात्र ने अपने गुरु जी से इस संदर्भ में सवाल किया कि हम यूं ही भगवान को भोग लगाने की प्रथा निभाते हैं, क्योंकि भगवान तो खाता ही नहीं, अगर भगवान खाता तो अर्पित हुई वस्तु ,खाद्य पदार्थ  कम होना चाहिए ,जब भगवान खाते ही नहीं तो फिर भोग लगाने न लगाने से क्या फर्क पड़ता है। गुरु जी उस छात्र के सवाल पर उस समय तो चुप रहे , थोड़ी देर में उस छात्र बुलाकर पुस्तक से एक श्लोक याद करने को कहा ,तुभ्यम वस्तु गोविन्दं,तुभ्यमेव समर्पेयते,गृहाण सम्मुख हो भुत्वा, प्रसीदं परमेश्वर:, छात्र ने थोड़ी देर में श्लोक कंठस्थ कर लिया और गुरु जी को सुनाने लगा। गुरु जी बोले नहीं तुम्हें याद नहीं हुआ। छात्र ने आग्रह कर के कहा ,आप चाहे तो पुस्तक में देख सकते हैं।तब गुरु जी बोले, श्लोक तो किताब में वैसे का वैसा है,पर तुम्हारे पास कैसे आ गया?इस पर छात्र चुप हो गया,तब गुरु जी ने समझाया कि पुस्तक में जो श्लोक है,वह स्थूल है, तुमने कंठस्थ कर लिया तो सूक्ष्म रूप से श्लोक तुम्हारे दिमाग में चला गया, श्लोक वहां पुस्तक में भी वैसे का वैसा है, और  तुम्हारे दिमाग ने भी याद कर इसे गृहण कर लिया है। ऐसे ही जब हम भगवान को भोग लगाते हैं तो भगवान हमारी भावना अनुसार उसकी भासना लेते हैं, स्थूल रूप से चाहे वस्तु और खाद्य पदार्थ कम नहीं होता,पर हमारी भावना वहां तक पहुंचती है। शिष्य को अपनी बात का उत्तर मिल गया, और उसे समझ में आ गया कि भावना तो तर्क वितर्क से परे होती
Have something to say? Post your comment
More National News
बिहार, झारखंड, ओडिशा में 6 जून तक बारिश का अलर्ट, महाराष्ट्र-गुजरात में भी बरसेंगे बादल दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 साल की उम्र में ली आखिरी सांस बंगाल में आज कैबिनेट विस्तार, 35 नेता लेंगे मंत्री पद की शपथ कोयला, खान और इस्पात पर संसदीय समिति की आज 11 बजे होगी बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बीकानेर पहुंचे, बॉर्डर इलाकों का दौरा करेंगे गुजरात में बड़ा सड़क हादसा: राजकोट में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी; सास-बहू की मौत, 20 यात्री घायल शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में CBI ने FIR दर्ज की रंगास्वामी आज पुडुचेरी CM के तौर पर लेंगे शपथ
असम- विधायक दल की बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को चुना गया विधायक दल का नेता , केंद्रीय पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सह पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी निर्वाचित मुख्यमंत्री को बधाई
तमिलनाडु: विजय के साथ नौ विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ