Wednesday, June 17, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
योगमय हुआ हरियाणा विधान सभा परिसर, मुख्यमंत्री, विस अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने लिया योग प्रोटोकॉल अभ्यास में भागप्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा को किया जा रहा है अपग्रेड-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडाकेएमपी एक्सप्रेसवे विकसित भारत-2047 की बनेगा शान: राव नरबीर सिंहनरेंद्र कुमार को जिला नगर आयुक्त, रोहतक की अतिरिक्त जिम्मेदारीएनसीआर के एरिया में नहीं होगा कोई बदलाव : श्री नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणाभारत ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से विश्व को दिया स्वस्थ जीवन जीने का संदेश : राजेश नागरडॉ. सुमिता मिश्रा ने योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा कीरोडवेज कर्मियों को बड़ी राहत, नई तबादला नीति तक आपसी सहमति से मिलेगा स्थानांतरण का अवसर: परिवहन मंत्री अनिल विज
 
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
Have something to say? Post your comment
More National News
महाराष्ट्र में बड़ा हादसा, श्रद्धालुओं से भरी पिकअप कुएं में गिरी, 8 लोगों की मौत MP के मुरैना में दर्दनाक हादसा, ट्रैक पर उतरे 4 यात्रियों की दूसरी ट्रेन से कटकर मौत बिहार, झारखंड, ओडिशा में 6 जून तक बारिश का अलर्ट, महाराष्ट्र-गुजरात में भी बरसेंगे बादल दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन, 89 साल की उम्र में ली आखिरी सांस बंगाल में आज कैबिनेट विस्तार, 35 नेता लेंगे मंत्री पद की शपथ कोयला, खान और इस्पात पर संसदीय समिति की आज 11 बजे होगी बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बीकानेर पहुंचे, बॉर्डर इलाकों का दौरा करेंगे गुजरात में बड़ा सड़क हादसा: राजकोट में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी; सास-बहू की मौत, 20 यात्री घायल शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या मामले में CBI ने FIR दर्ज की रंगास्वामी आज पुडुचेरी CM के तौर पर लेंगे शपथ