Monday, February 09, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गुरुग्राम दौरा आज,,ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड में राष्ट्रीय पुरुष दृष्टिहीन क्रिकेट प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्रीमनरेगा में किए गए बदलाव मजदूर और किसानों के हित में : हरविंदर कल्याणकम खर्चीली और दीर्घकालिक रूप से लाभकारी है प्राकृतिक खेती - राज्यपाल आचार्य देवव्रत शिक्षा के सशक्त आधार से ही बनेगा विकसित भारत: राव नरबीर सिंहफरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में दिखाई दे रहा मिनी दुनिया का नजारालक्की ड्रा में करनाल के गांव खेड़ा निवासी धर्म सिंह ने जीती बुलेट41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 8 चैंपियनों के पशुपालकों को मिला 20 लाख का पुरस्कारशहीद इंस्पेक्टर के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घायलों को दी जाएगी एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता : नायब सिंह सैनी
 
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
Have something to say? Post your comment
More National News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया का दो दिनों का दौरा पूरा कर स्वदेश लौटे 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव को तिहाड़ जेल का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात कैंसर से जुड़ी 17 दवाइयां भारत में होंगी सस्ती 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन- वित्त मंत्री अब 31 मार्च तक कम फीस के साथ संशोधित ITR दाखिल किया जा सकेगा विदेशी टूर पैकेज पर TCS दरों में सरकार ने की कटौती हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में माउंटेन ट्रेल्स विकसित करने का प्लान- वित्त मंत्री मिशन पूर्वोदय' के जरिए पूर्वोत्तर को विकास की नई रफ्तार, 4000 ई-बस चलाने की योजना MSMEs के लिए टियर-2 और टियर-3 शहरों में 'कॉरपोरेट मित्र' कैडर तैयार करेगी सरकार