Friday, October 23, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
• मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अधिकारियों को दिए निर्देश सभी जिलों में जहां जहा बिजली बाधित हुई हो वहां तुरंत बिजली सप्लाई हो शुरू • समानांतर बिजली लाइसेंस के विरोध में सरकार और कर्मचारी एकजुट: ऊर्जा मंत्री अनिल विज • हरियाणा में बिजली कर्मचरियों की हड़ताल खत्म,CM के साथ मीटिंग में सहमति; कर्मचारी नेता बोले- निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन मिला • पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में ऊर्जा मंत्री अनिल विज बिजली कर्मचारियों के नेताओं से बातचीत करने किए पहुंचे,थोड़ी देर में होगी बातचीत • हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की तरफ से आज बिजली कर्मचारियों के साथ पंचकूला में 3:00 बजे होने वाली बैठक का आधिकारिक पत्र • हरियाणा के हड़ताल पर गए कर्मचारियों से अपील हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आयें। सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए हम तैयार हैं, इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है:अनिल विज,ऊर्जा मंत्री • तत्काल न्यूज़ की बड़ी खबर,1 जनवरी से सिम नहीं तो नहीं चलेगा कोई भी कॉलिंग / मैसेजिंग ऐप • सरकार 24 फसलो की MSP देने की बात कहती है लेकिन सरकार हरियाणा में 24 फसलो के नाम बताएं -- जस्सी पेटवाड़
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
Have something to say? Post your comment
More National News
तत्काल न्यूज़ की बड़ी खबर,1 जनवरी से सिम नहीं तो नहीं चलेगा कोई भी कॉलिंग / मैसेजिंग ऐप असम के घिलमारा में नाव पलटी, तीन लोगों की मौत अंकित बालियान मर्डर केस: हत्याकांड में शामिल और फरार चल रहे दोनों शूटरों के घर की कुर्की हुई
पीएम विकास और कौशल से अवसर तक: अल्पसंख्यक समुदायों के लिए नए अवसर पैदा करना
गोवा विधानसभा चुनाव 2027: अरविंद केजरीवाल ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन किया मलेशिया के प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद दिल्ली से रवाना हुए अमित शाह बोले- मुझे विश्वास है कि 2029 तक, 21 NDA शासित राज्यों में UCC होगा किसान नेताओं के साथ कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज करेंगे बैठक BRICS समिट के लिए कल भारत आएंगे ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान, PM मोदी से होगी मुलाकात
पीएम मोदी का सोने पर सबसे बड़ा संदेश- जरूरत नहीं है तो गोल्ड खरीदने की भी जरूरत नहीं