Wednesday, February 25, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
पीएम मोदी को रिसीव करने कल खुद तेल अवीव एयरपोर्ट आएंगे इजरायली PM और उनकी पत्नीकैबिनेट ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दीजम्मू से श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन सेवा 1 मार्च से शुरू होगीकांग्रेस विधायकों ने हरियाणा विधानसभा का किया घेराव, भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनहरियाणा सरकार रख रही है जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब: मुख्यमंत्रीबुजुर्ग हमारे लिए बहुत आदरणीय, सरकार ने बुजुर्गों का हमेशा सम्मान किया है: मुख्यमंत्रीलोकतंत्र में सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार, लेकिन सदन की मर्यादा भी जरूरी : मुख्यमंत्रीअखिल भारतीय जाट आरक्षण संघ समिति ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज के जल्द स्वस्थ होने की कामना की
 
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
Have something to say? Post your comment
More National News
पीएम मोदी को रिसीव करने कल खुद तेल अवीव एयरपोर्ट आएंगे इजरायली PM और उनकी पत्नी कैबिनेट ने ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी झारखंड एयर-एंबुलेंस क्रैश: इलाज कराने दिल्ली आ रहे मरीज की मौत, छह और लोग थे सवार रांची से दिल्ली आ रही एयर एंबुलेंस क्रैश, विमान में सात लोग थे सवार भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है', AI समिट में बोले PM मोदी AI समिट 2026 में अपना संबोधन खत्म करते हुए मैक्रों ने लगाया 'जय हो' का नारा छत्तीसगढ़: कर्रेगुट्टा इलाके में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में पांच माओवादी मारे गए तेलंगाना: डोथिगुडेम के ब्रुंडवन लैबोरेटरीज PVT में रेडिएटर ब्लास्ट के बाद हुआ बड़ा धमाका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम पहुंचे कोलकाता एयरपोर्ट: फ्लाइट के टॉयलेट में धमकी वाला पत्र मिलने के बाद विमान खाली कराया गया