Monday, May 04, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
IDFC & AU स्मॉल बैंक फ्रॉड से जुड़ी बड़ी खबर,फ्रॉड से जुड़े HPGCL के डायरेक्टर फाइनेंस अमित दीवान को नौकरी से बर्खास्त किया गयाहरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुएCM नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की कार हादसे में क्षतिग्रस्त, बाल बाल बचेअसम के शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बहुमत, 126 सीटों में से 71 पर बीजेपी आगेबंगाल चुनाव: TMC-BJP के बीच कांटे की टक्करबंगाल में बीजेपी रुझानों में 100 सीटों पर आगे निकली, वहीं असम में भी बीजेपी 50 सीटों पर आगेभवानीपुर सीट के रुझानों में ममता बनर्जी पीछे चल रही हैं, बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी उनसे आगे चल रहे हैंरुझानों में एक बार फिर बंगाल में बीजेपी से आगे निकली टीएमसी
 
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
 
Have something to say? Post your comment
 
 
More National News
असम के शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बहुमत, 126 सीटों में से 71 पर बीजेपी आगे बंगाल चुनाव: TMC-BJP के बीच कांटे की टक्कर बंगाल में बीजेपी रुझानों में 100 सीटों पर आगे निकली, वहीं असम में भी बीजेपी 50 सीटों पर आगे भवानीपुर सीट के रुझानों में ममता बनर्जी पीछे चल रही हैं, बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी उनसे आगे चल रहे हैं रुझानों में एक बार फिर बंगाल में बीजेपी से आगे निकली टीएमसी बंगाल में कल वोटो की गिनती, चुनाव आयोग ने तैनात किए 432 ऑब्जर्वर बंगाल: बीजेपी नेता सुभाष सरकार का दावा, जीतेंगे 170-180 सीटें कॉमर्शियल LPG के बाद अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें ₹4-5/लीटर तक बढ़ सकती हैं बंगाल चुनाव: ममता बनर्जी-अभिषेक कल शाम 4 बजे पार्टी एजेंटों के साथ वार्ता करेंगे गुजरात में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, PM मोदी ने पोस्टल बैलेट से किया मतदान