Monday, January 05, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
जिला में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में स्वास्थ्य विभाग सजग एवं सतर्क - खेल राज्य मंत्री गौरव गौतमप्रजापति समाज बहुत ही मेहनती और ईमानदार कौम है - रणबीर गंगवाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार बनने पर भाजपा बनाएगी पंजाब को देश का अग्रणी राज्य- नायब सिंह सैनी निहंग सिंहों ने सदैव धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा की: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीसंत कबीरदास का संदेश आज भी प्रासंगिक, समाज को जोड़ने की देता है प्रेरणा- कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा* करनाल में बनने वाले एलिवेटेड फ्लाईओवर का नाम रखा जाएगा अटल सेतु - मनोहर लालउमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत पर 5 जनवरी को फैसला सुनाएगा SCप्रयागराज: पौष पूर्णिमा पर माघ मेले में 21 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
 
National

पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो !

October 02, 2021 07:53 PM
डॉ कमलेश कली 
आज महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस पर उनके प्रखर चिंतन , उनके योगदान तथा उनके विचारों की आज भी कितनी जरूरत है, कितनी प्रासांगिकता है,इस पर खूब चिंतन मनन होगा, सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन होगा आदि आदि। गांधी जी ने गीता के अनासक्त योग को जीवन में उतारा। उन्होंने राजनीति को अपना धर्म मान कर जीवन जीने की प्रेरणा सर्व शास्त्र शिरोमणि गीता से ली और सच्चे कर्मयोगी बन कर जीवन के अन्तिम श्वास तक काम करते रहे। उन्होंने अपने कर्तव्यों पर ध्यान दिया न कि अधिकारों पर, जबकि आज हम सभी अधिकारों की बात पहले सोचते और करते हैं। आज कुछ ऐसी दशा है मनुष्य की ,कि हर क्षेत्र में,हर व्यवस्था में और हर बात में अधिकार पाने की  कोशिश की जा रही है, अधिकार तो लेकर रहेंगे ,किंतु कर्तव्य की ओर शायद ही किसी का ध्यान हो। अपनी मांगों को लेकर इतने प्रदर्शन होते हैं,पर कर्तव्यों के लिए नहीं। आदमी आदमी पर , वस्तुओं पर इतना हक जमा लेता है, मानों उसने अपने हाथों से रचा हो, आज यही जीवन में बढ़ते क्रोध तनाव और  का कारण है।    निस्संदेह अधिकार और कर्तव्य अन्योन्याश्रित है,पर कर्तव्य पालन के बिना अधिकार से  आज नहीं तो कल हाथ धो बैठते हैं।चार चोर एक गाय कहीं से चुरा  लाए। उन्होंने आपस में निर्णय किया कि एक एक दिन बारी बारी से सभी गाय को दुहेंगे भी और चारा भी खिलाएंगे। पहले दिन वाले चोर ने गाय का दूध तो दूह लिया लेकिन चारा नहीं खिलाया सोचा दूसरे दिन वाला चोर तो खिलायेगा ही। ऐसे ही चारों दिन चारों चोरो ने दूध तो निकाला,पर चारा तो गाय को एक ने भी नहीं खिलाया, आखिर गाय सिकुड़ती सिकुड़ती मर गई। कर्तव्य निष्ठा के अभाव में अधिकारों की रक्षा कैसे की जा सकती है। कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति यह नहीं पूछता कि उसे क्या मिला,वह यह पूछता है कि उसने क्या किया? कर्तव्य परायणता में महान नैतिक बल छिपा होता है अंग्रेजी में एक प्रसिद्ध कहावत है "पहले अधिकारी बनो, फिर अधिकार लो"अर्थात फर्स्ट  डिसर्व देन डिज़ायर । गांधी जी ने तो कर्तव्य को इस तरह से परिभाषित किया था "बुराई से असहयोग करना मनुष्य का पवित्र कर्तव्य है"  आओ  इस गांधी जयंती पर हम भी यह सोचें कि अपने अपने कार्य क्षेत्र पर हम अधिकारों से पहले कर्तव्य की बात करेंगे , कर्तव्यनिष्ठ बनेंगे।
Have something to say? Post your comment
More National News
उमर खालिद, शरजील इमाम की जमानत पर 5 जनवरी को फैसला सुनाएगा SC पीएम मोदी 17 जनवरी और 18 जनवरी को मालदा-हावड़ा में रैलियां कर सकते हैं केंद्र सरकार ने X को लिखी चिट्ठी, ग्रोक से अश्लील कंटेंट हटाने के निर्देश, रिपोर्ट भी मांगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति ने दी नववर्ष की बधाई, की समृद्धि की कामना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीं नए साल की शुभकामनाएं, की शांति और खुशहाली की प्रार्थना गैंगस्टर इंद्रजीत के ठिकानों पर ED की छापेमारी, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा नए साल से पहले हिमाचल सरकार वित्तीय जरूरतों के लिए ₹1000 करोड़ का कर्ज लेगी ओडिशा: बालेश्वर रेलवे स्टेशन पर युवक ने यात्रियों को परेशान किया, RPF ने अरेस्ट किया BJP राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आज पटना पहुंचेंगे, 31 दिसंबर को है पिता की पुण्यतिथि बांग्लादेश: उस्मान हादी की हत्या पर ढाका में प्रोटेस्ट जारी, शाहबाग में भी प्रदर्शन हुआ