Monday, August 24, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा-रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए फ्री सफरः बसों में 15 साल तक के बच्चों का भी टिकट नहीं; 36 घंटे टाइम लिमिटमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मुंबई दौरा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आवास पर की मुलाकातहैपनिंग हरियाणा 2.0 @मुंबई : हरियाणा में निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों ने किए 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयूकिसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता, शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी - कृष्ण कुमार बेदीमानसून सत्र के लिए विधान सभा सचिवालय सक्रिय, विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने लिया तैयारियों का जायजाकांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा के बयान से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आया- ऊर्जा मंत्री अनिल विजहरियाणा की नई आर्थिक रफ्तार को मिली हरी झंडी, दुनिया के बाजारों तक पहुंचेगा प्रदेश का उत्पादइंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब के नवनिर्मित रेल यार्ड से मालगाड़ी रवाना
National

प्रकृति का गणित - मुक्त हाथों से बांटों बढ़ता ही जायेगा !

June 26, 2021 09:39 AM

डॉ कमलेश कली

प्रकृति का गणित भी कुछ अलग तरह का है, बांटने से, दूसरों के साथ शेयर करने से घटता नहीं अपितु बढ़ता है।यह रहस्य जिसको समझ में आ जाता है, वह अपना सब कुछ बांटे बिना रह ही नहीं सकता। धर्म और परमार्थ में दान का बहुत महत्व बताया गया है,पर दान का अर्थ केवल वस्तु या स्थूल धन तक ही सीमित नहीं, अपितु जो कुछ भी हमारे पास है उसे दूसरों के साथ बांटने से है।जीसस का प्रसिद्ध वचन है जो देगा उसे और मिलेगा, जो बांटेंगा वह और पाने का हकदार बन जाता है। गुरु नानक देव जी ने किरत करो और वडं छको को धर्म का सार बताते हुए लंगर की प्रथा शुरू की।लंगर  का मूलमंत्र है दिल से सेवा, इस प्रसंग में एक गरीब व्यक्ति उनके पास आया और उनसे कहने लगा कि वह तो बहुत गरीब है, किसी की क्या सेवा कर सकता है। गुरु जी ने सहज भाव से कहा कि तुम गरीब हो, क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा।उस व्यक्ति ने पूछा कि मेरे पास देने को कुछ भी तो नहीं है तो उन्होंने समझाया कि तुम्हारा चेहरा मुस्कान बिखेर सकता है, तुम्हारा मुंह भगवान की महिमा कर सकता है, दूसरों को सुकून का अहसास दिलाने के लिए मीठे दो बोल बोल सकता है, तुम्हारे हाथ किसी के हाथ पकड़ कर उसकी सहायता कर सकते हैं और तुम कहते हो कि तुम्हारे पास देने के लिए कुछ नहीं है।सच है कि आत्मा की गरीबी सब से बड़ी गरीबी है, पाने का हक उसे है, जो देना जानते हैं।दान को पुण्य माना गया है जबकि लोभ को पाप का बाप कहा जाता है।जो जिस के पास है उसे बांट देने से ही बढ़ता  है।नदी अपने जल को जब तक बांटती चलती है अर्थात बहती रहती है तो स्वच्छ और निर्मल रहती है, जहां नदी रुक जाती है,अटक जाती है, वहीं उसका अस्तित्व ही खत्म हो जाता है, पानी खड़ा रहने से सड़ने लगता है। इसलिए उदारता को महानता की विशेषता माना जाता है, बुद्ध ने उदारता को पहला अध्यात्मिक गुण माना है,उदार वही हो सकता है जिसे भरोसा है कि आज जो मेरे पास है उसे लुटा देने से, बांट देने से खुटने वाला नहीं है । इस जगत में  अपना क्या है ,न कुछ साथ लाए हैं न ही लेकर जाना है, बांटना ही जीवन जीने का तरीका है, फिर जो है उसे बांटों, जरुरी नहीं कि धन या वस्तु ही बांटे, जो आसानी से दे सकते हो, जो तुम्हारे पास है उसे मुक्त हाथों से बांटों।

Have something to say? Post your comment
More National News
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया सोनिया गांधी की किताब का कवर, इमोशनल मैसेज भी लिखा राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया सोनिया गांधी की किताब का कवर, इमोशनल मैसेज भी लिखा विशाखापत्तनम में RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक आज से होगी शुरू भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर आज कश्मीर घाटी का करेंगे दौरा NEET-UG पेपर लीक के बाद NTA की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, ₹7.5 करोड़ का टेंडर आज खुलेगा पश्चिम बंगाल: तारापीठ के एक होटल में आग लगी, 6 लोगों की मौत मुंबई: जीशान सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी मिली जिन लोगों ने स्टेज शुद्धीकरण किया, उन पर अनटचेबिलिटी एक्ट लगे’, खड़गे का X पोस्ट पीएम मोदी ने पोस्ट किया नया इंस्टा वीडियो, एंटी पेपर लीक बिल पर दिया मैसेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया वीडियो संदेश ,पेपर लीक के गुनहगारों को पकड़ कर जेल में डाला गया