Sunday, October 24, 2021
Follow us on
BREAKING NEWS
T20 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान को जीत के लिए बनाने होंगे 152 रनT20 वर्ल्ड कप: पाकिस्तान ने जीता टॉस, भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योतासौ करोड़ से ज्यादा टीकाकरण देश के लिए बड़ी उपलब्धि : गृह मंत्री अनिल विजजम्मू कश्मीरः JDA ग्राउंड में ही होगी अमित शाह की रैली, मौसम में बदलाव के बाद BJP का फैसलापेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के खिलाफ 14 से 29 नवंबर तक आंदोलन करेगी कांग्रेसजम्मू कश्मीरः पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़, 2 पुलिसकर्मी और सेना का एक जवान घायलडीएपी खाद पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठकमुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जाएंगे अयोध्या, 26 अक्टूबर को करेंगे रामलला के दर्शन
National

प्रकृति का गणित - मुक्त हाथों से बांटों बढ़ता ही जायेगा !

June 26, 2021 09:39 AM

डॉ कमलेश कली

प्रकृति का गणित भी कुछ अलग तरह का है, बांटने से, दूसरों के साथ शेयर करने से घटता नहीं अपितु बढ़ता है।यह रहस्य जिसको समझ में आ जाता है, वह अपना सब कुछ बांटे बिना रह ही नहीं सकता। धर्म और परमार्थ में दान का बहुत महत्व बताया गया है,पर दान का अर्थ केवल वस्तु या स्थूल धन तक ही सीमित नहीं, अपितु जो कुछ भी हमारे पास है उसे दूसरों के साथ बांटने से है।जीसस का प्रसिद्ध वचन है जो देगा उसे और मिलेगा, जो बांटेंगा वह और पाने का हकदार बन जाता है। गुरु नानक देव जी ने किरत करो और वडं छको को धर्म का सार बताते हुए लंगर की प्रथा शुरू की।लंगर  का मूलमंत्र है दिल से सेवा, इस प्रसंग में एक गरीब व्यक्ति उनके पास आया और उनसे कहने लगा कि वह तो बहुत गरीब है, किसी की क्या सेवा कर सकता है। गुरु जी ने सहज भाव से कहा कि तुम गरीब हो, क्योंकि तुमने देना नहीं सीखा।उस व्यक्ति ने पूछा कि मेरे पास देने को कुछ भी तो नहीं है तो उन्होंने समझाया कि तुम्हारा चेहरा मुस्कान बिखेर सकता है, तुम्हारा मुंह भगवान की महिमा कर सकता है, दूसरों को सुकून का अहसास दिलाने के लिए मीठे दो बोल बोल सकता है, तुम्हारे हाथ किसी के हाथ पकड़ कर उसकी सहायता कर सकते हैं और तुम कहते हो कि तुम्हारे पास देने के लिए कुछ नहीं है।सच है कि आत्मा की गरीबी सब से बड़ी गरीबी है, पाने का हक उसे है, जो देना जानते हैं।दान को पुण्य माना गया है जबकि लोभ को पाप का बाप कहा जाता है।जो जिस के पास है उसे बांट देने से ही बढ़ता  है।नदी अपने जल को जब तक बांटती चलती है अर्थात बहती रहती है तो स्वच्छ और निर्मल रहती है, जहां नदी रुक जाती है,अटक जाती है, वहीं उसका अस्तित्व ही खत्म हो जाता है, पानी खड़ा रहने से सड़ने लगता है। इसलिए उदारता को महानता की विशेषता माना जाता है, बुद्ध ने उदारता को पहला अध्यात्मिक गुण माना है,उदार वही हो सकता है जिसे भरोसा है कि आज जो मेरे पास है उसे लुटा देने से, बांट देने से खुटने वाला नहीं है । इस जगत में  अपना क्या है ,न कुछ साथ लाए हैं न ही लेकर जाना है, बांटना ही जीवन जीने का तरीका है, फिर जो है उसे बांटों, जरुरी नहीं कि धन या वस्तु ही बांटे, जो आसानी से दे सकते हो, जो तुम्हारे पास है उसे मुक्त हाथों से बांटों।

 
Have something to say? Post your comment
More National News
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे के खिलाफ 14 से 29 नवंबर तक आंदोलन करेगी कांग्रेस वरुण गांधी ने फिर उठाया किसानों का मुद्दा, कहा- आज कृषि नीति पर पुनर्चिंतन करने की जरूरत राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को बताया नाकाम, बोले- किसान परेशान, महंगाई आसमान पर पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर दी बधाई भारत ने रचा इतिहास, अब तक कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ डोज लगीं एमपी: भिंड में एयरफोर्स का विमान हुआ क्रेश, जमीन के अंदर धंसा प्लेन कोरोना को जल्द से जल्द मिलकर हराना है: पीएम मोदी शोपियां एनकाउंटर में 1 जवान शहीद, 2 जख्मी; 2 आतंकी भी ढेर यूपी चुनाव: ओपी राजभर ने की अखिलेश यादव से मुलाकात, बोले- अबकी बार, भाजपा साफ कुशीनगर यूपी का तीसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना, 26 नवंबर से दिल्ली से शुरू होगी यहां के लिए फ्लाइट