Thursday, July 23, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
पेपर लीक की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई', पीएम मोदी का बड़ा ऐलान हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के चेयरमैन नंदलाल शर्मा का हुआ निधन,आज अंतिम संस्कार,मनीमाजरा में होगाशिक्षण संस्थानों से अधिकतम युवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जोड़े - प्रधान सचिव राजीव रंजनगृह नगर' और 'स्थायी पता' दोनों अलग-अलग अवधारणाएंगन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणामुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकतहरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरीराज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभ
Niyalya se

सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों के अमल पर लगाई रोक

January 12, 2021 01:39 PM

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कानूनों पर रोक लगाई, साथ ही एक कमेटी का गठन कर दिया है. जो कि सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझेगी और सर्वोच्च अदालत को रिपोर्ट सौंपेगी.

केंद्र सरकार ने जिन तीन कृषि कानूनों को पास किया, उसका लंबे वक्त से विरोध हो रहा था. दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान आंदोलन कर रहे हैं, इसी के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट के पास जा पहुंचा.

कमेटी ही निभाएगी निर्णायक भूमिका
मंगलवार की सुनवाई में किसानों की ओर से पहले कमेटी का विरोध किया गया और कमेटी के सामने ना पेश होने को कहा. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख बरता और कहा कि अगर मामले का हल निकालना है तो कमेटी के सामने पेश होना होगा. 

ऐसे में अब कोई भी मुद्दा होगा, तो कमेटी के सामने उठाया जाएगा. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया कि कमेटी कोई मध्यस्थ्ता कराने का काम नहीं करेगी, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाएगी.

गौरतलब है कि बीते दिन की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से अदालत में कृषि कानूनों के अमलीकरण पर रोक लगाने पर आपत्ति जताई गई थी. साथ ही केंद्र ने कहा था कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा, अभी सरकार-किसानों में बातचीत हो रही है. हालांकि, अदालत ने साफ किया था कि लंबे वक्त से कोई नतीजा नहीं निकला है, सरकार का रुख सही नहीं है.

50 दिनों से जारी है किसानों की लड़ाई
दिल्ली की सीमा पर किसानों का हुजूम पिछले 50 दिनों से लगा हुआ है. अलग-अलग बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, डटे हुए हैं. अबतक कई किसानों की मौत भी हो चुकी है, जिनमें से कुछ ठंड से जान गंवा बैठे हैं तो कुछ ने आत्महत्या कर ली.सुप्रीम कोर्ट द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसमें कुल चार लोग शामिल होंगे, जिनमें भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनवंत शामिल हैं. ये कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी, जबतक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती है तबतक कृषि कानूनों के अमल पर रोक जारी रहेगी

कृषि कानून की मुश्किलों को दूर करने के लिए सरकार और किसान संगठन कई राउंड की बैठक भी कर चुके थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. किसान तीनों कानूनों की वापसी की मांग पर ही अड़े थे, लेकिन सरकार कुछ विषयों पर संशोधन के लिए राजी थी. 

Have something to say? Post your comment
More Niyalya se News
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में गुरमीत राम रहीम को राहत, हाई कोर्ट ने किया बरी हरियाणा: कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में कोर्ट ने 57 लोगों को बरी किया SC ने UGC के नए नियमों पर रोक लगाई, CJI बोले- नए आदेश तक 2012 के नियम लागू उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक हाईकोर्ट ने कर्नाटक सरकार को लगाई फटकार, जन औषधि केंद्र बंद करने का आदेश खारिज नेशनल हेराल्ड केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर तक टाला ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का आदेश आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित DIG भुल्लर को CBI ने 5 दिन की कस्टडी में लिया दिल्ली-एनसीआर में दीपावली पर ग्रीन पटाखे जलाने के मामले पर SC ने सुरक्षित रखा फैसला AGR बकाया केस: SC ने वोडाफोन-आइडिया की याचिका पर सुनवाई 13 अक्टूबर तक टाली DU को पीएम मोदी की ग्रेजुएशन डिग्री का खुलासा करने की जरूरत नहीं: दिल्ली HC