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Haryana

राइट टू सर्विस कमीशन के चीफ कमिश्नर हेतू एसीएस अधिकारियों की योग्यता बारे विभाग को जानकारी ही नहीं

October 07, 2020 06:55 PM

विकेश शर्मा

चंडीगढ़ - क्या हरियाणा में बीते डेढ़ वर्ष से रिक्त पड़े हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (राइट टू सर्विस कमीशन-आरटीएस) के मुख्य आयुक्त (चीफ कमिश्नर) के पद पर नियुक्ति हेतू हालिया सेवानिवृत्त हुई राज्य की पूर्व मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा के अलावा प्रदेश अफसरशाही में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी-एसीएस ) रैंक के मौजूदा एवं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी भी योग्य हैं, इस बारे में प्रदेश सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग के पास आधिकारिक जानकारी ही नहीं है. यह खुलासा विभाग द्वारा एक आरटीआई याचिका में दिए गए जवाब से हुआ है.पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बीती 11 सितम्बर को हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशासनिक सुधार (एआर) विभाग के अधीक्षक एवं राज्य जन सूचना अधिकारी, जिसके अंतर्गत आरटीएस कमीशन आता है, में एक आरटीआई दायर कर तीन बिन्दुओ पर जानकारी मांगी.

पहले बिंदु में गत वर्ष जनवरी, 2019 में जारी विज्ञप्ति के सन्दर्भ में आरटीएस के चीफ कमिश्नर हेतू आवेदन करने वाले आईएएस अधिकारियों की कुल संख्या और नामो की जानकारी मांगी गयी एवं गत वर्ष तत्कालीन राजस्व सचिव के पद पर तैनात केशनी अरोड़ा की अध्यक्षता वाली सर्च कमेटी द्वारा तब चयन प्रक्रिया के सम्बन्ध में की गयी कयावद बारे जानकारी मांगी गयी. इसके अतिरिक्त इस वर्ष नई सर्च कमेटी के गठन बारे भी सूचना मांगी गयी चूँकि निवर्तमान मुख्य सचिव केशनी अरोड़ा इस बार चीफ कमिश्नर के पद के लिए स्वयं आवेदनकर्ता है इसलिए वह ही उक्त सर्च की मुखिया नहीं हो सकती है. इन दोनों बिन्दुओ के बारे में जवाब दिया गया है कि चूँकि चयन प्रक्रिया जारी है एवं फाइल उच्च अधिकारियों के पास भेजी गयी है, इसलिए चयन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही उक्त सूचना प्रदान की जायेगी. लिखने योग्य है कि हालाकि बीती 22 सितम्बर को नई सर्च कमेटी का गठन कर दिया गया था जिसका आदेश उसी दिन मुख्य सचिव की वेबसाइट पर अपलोड किया गया परन्तु 25 सितम्बर को उक्त आरटीआई के जवाब में इसका उल्लेख नहीं किया गया है.

इसके अतिरिक्त तीसरे बिंदु में सूचना मांगी गयी कि चूँकि हरियाणा आरटीएस कानून, 2014 की धारा 13 (2 ) के अंतर्गत आयोग के चीफ कमिश्नर के पद हेतू प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के रैंक और स्टेटस में उपयुक्त अधिकारी योग्य होता है और क्योंकि आईएएस कैडर में न्यूनतम 30 वर्षो की बेदाग सेवा पूरी करने वाले अधिकारियों, जिन्हे मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) के ग्रेड में प्रमोट कर अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस ) बना दिया जाता है एवं जो मुख्य सचिव के ही रैंक और स्टेटस में माने जाते हैं, ऐसे अधिकारियों की आरटीएस आयोग के चीफ कमिश्नर नियुक्त होने सम्बन्धी योग्यता बारे जानकारी मांगी गयी।


इस बिंदु पर आरटीआई को मुख्य सचिव के अधीन आने वाले कार्मिक विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी को स्थानांतरित कर उन्हें इस सम्बन्ध में याचिकाकर्ता को सूचना देने एवं इस आशय में प्रशासनिक सुधार विभाग को भी सूचित करने को लिखा गया है. इसका स्पष्ट अर्थ है की प्रशासनिक सुधार विभाग के पास वर्तमान में मुख्य सचिव (सीएस ) के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस ) रैंक के आईएएस अधिकारियों के भी आरटीएस आयोग के चीफ कमिश्नर के पद हेतू योग्य होने बारे जानकारी ही नहीं है. ऐसे में आरटीएस के चीफ कमिश्नर के पद के लिए आवेदन करने वाले कई रिटायर्ड एवं मौजूदा आईएएस उक्त अधिकारियों के चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर ही संशय है.
हेमंत ने बताया कि आरटीएस कमीशन में वर्तमान कार्यरत इकलौते कमिश्नर हरदीप कुमार, जिन्हे फरवरी, 2017 में इस पद पर खट्टर सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था, वह भी 1984 बैच के एसीएस रैंक के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं. गत वर्ष जुलाई में तत्कालीन कमिश्नर सरबन सिंह, जिनके पास चीफ कमिश्नर का कार्यभार था, का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद हरदीप को चीफ कमिश्नर का चार्ज दिया गया था. हालांकि कानूनन ऐसा अधिकतम छः माह तक ही दिया जा सकता है.
निवर्तमान मुख्य सचिव केशनी अरोड़ा द्वारा चीफ कमिश्नर के पद हेतू आवेदन करने पर हेमंत ने बताया कि इसमें कोई कानूनी अड़चन तो नहीं है परन्तु उपयुक्त यह होता की या तो वह इस पद के लिए चयन प्रक्रिया से आरम्भ से ही अपने आपको अलग कर लेती अर्थात उनके हस्ताक्षर से जारी विज्ञप्ति द्वारा न तो पुन: इस पद के लिए आवेदन मांगे जाते और न ही नई सर्च कमेटी एवं वैधानिक कमेटी का गठन होता. चूँकि वह गत वर्ष इस पद के लिए गठित सर्च कमेटी की चेयरपर्सन भी थी, यह भी देखने लायक होगा कि क्या उन्होंने इस सम्बन्ध में तब प्राप्त आवेदनों की जांच-पड़ताल की है अथवा नहीं. हालांकि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतो की दृष्टि से न्यायसंगत यह होता कि केशनी अरोड़ा की सेवानिवृति के बाद ही आरटीएस के चीफ कमिश्नर के लिए चयन प्रक्रिया आरम्भ की जाती.

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