Saturday, April 18, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी की महिलाओं को सशक्त बनाने का 'महायज्ञ' था: PM मोदीहमारा आत्मबल अजेय है, प्रयास रुकेगा नहीं: महिला आरक्षण बिल पर बोले मोदीनारी शक्ति का 100 फीसदी आशीर्वाद मेरे पास है: प्रधानमंत्री मोदीनारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया: महिला आरक्षण बिल पर बोले PM मोदीलोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल, सरकार को नहीं मिला 2/3 बहुमतहरियाणवी गायक मासूम शर्मा ने चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों के साथ की बदतमीजी,पत्रकारों ने लगाई क्लासदिल्ली के अस्पताल में मरीज ने दी 5वीं मंजिल से कूदने की धमकी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारीहरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया
 
National

काश! मन की बात में आर्थिकी की कहानी को प्रमुखता दी जाती

September 29, 2020 09:28 AM
काश! मन की बात में आर्थिकी की कहानी को प्रमुखता दी जाती 
डॉ कमलेश कली 

प्रधानमंत्री अपने मन की बात कार्यक्रम में कोई न कोई नया विषय छेड़ते हैं, इस बार उन्होंने अपने इस कार्यक्रम के 69वें संस्करण में कोरोना संक्रमण से बचने और किसानों के हितों की रक्षा पर बात करने के बाद एक नये मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा किस्सागोई अर्थात" कहानी कहने"बच्चों और बुजुर्गो को जोड़ने में कहानी के महत्व पर प्रकाश डाला। पुराने जमाने के कथावाचकों द्वारा कथा कहने से लेकर विल्लुपाट, कठपुतली का जिक्र करते हुए उन्होंने वर्तमान में आधुनिक ढंग से टेक्नोलॉजी की मदद से किये गये नये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से इस दिशा में किए गए प्रयोगों में कई नाम गिनवाए, मुख्य जिसमें आईआईएम  से पास आउट श्रीअमर व्यास द्वारा संचालित गाथा स्टोरी डाट इन, मराठी में सुश्री वैशाली देशपांडे की पहल, सुश्री गीता रामानुजन के' कथालय 'के बारे में बताया । उन्होंने आग्रह किया कि कहानी कहने के ऐसे तरीके खोजे जाएं जिससे नई पीढ़ी भारत के महान पुरुषों और महान नारियों के बारे में जान सकें और उनसे जुड़ सके।। कहानियों के माध्यम से पारिवारिक सदस्यों में सद्गुणों के विकास के लिए जैसे करुणा, संवेदनशीलता, वीरता आदि पर हर सदस्य की सहभागिता से विचार विमर्श करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा  जहां आत्मा है वहां एक कहानी है, और बच्चों को हफ्ते में कम से कम एक कहानी सुनाने की बात कही।
भारत कथावाचकों और श्रोताओं का देश है। कहानी के माध्यम से जीवन से जुड़े नौ रसों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया जा सकता है।एक छोटी सी कहानी में जीवन को बदलने की ताकत होती है। कहानी केवल घटनाओं को ही नहीं बताती, उसमें जीवन मूल्यों और आदर्शों, पारस्परिक संबंधों और बदलते समीकरणों को भी प्रतिबिंबित करती है। पर कहानी कहने के लिए कहने वाले में चेतना की त्रिवेणी अर्थात तीन चीजें जरूरी है  - अनुभूत यथार्थ, निरीक्षण क्षमता और कल्पनाशीलता, जिसमें से चेतन्य कहानी निकलती है। देश के साहित्य में कहानियों कथाओं का अथाह भंडार है। पुराणों और शास्त्रों, रामायण और महाभारत के साथ साथ पंचतंत्र और हितोंपदेश जिनके नाम प्रधानमंत्री जी ने भी लिए , जीवन मूल्यों की शिक्षा के साथ साथ व्यवहारिक ज्ञान से भरपूर कहानियां हमारे इर्द-गिर्द बिखरी हुई है। आवश्यकता है उन्हें आधुनिक संदर्भों में पुनः जीवित करने और नए ढंग से प्रस्तुत करने की । कहते हैं कि जो  समाज और संस्कृति वृक्ष और पौधे की तरह अपनी जड़ों से जुड़ी रहती है,वो विकसित होती है और उत्थान को पाती है। जैसे जिस वृक्ष की जड़ सड़ जाती है, सूर्य का प्रकाश उसके तने का पोषण करने की बजाय उसे सुखा देता है, पानी गलाना शुरू कर देता है,हवा भी अपने प्रहार से नीचे गिरा देती है, कहने का अभिप्राय यह है कि सहयोगी तत्व भी दुश्मन बन जाते हैं। प्रधानमन्त्री मोदी  का राजकाज से हटकर कहानी कहने और उसे लोकप्रिय बनाने और   देश, समाज और परिवार में इसकी भूमिका पर बोलना बहुत कुछ कहता है।   सांस्कृतिक  विरासत को संभालने और नई पीढ़ी को जोड़ने में  कथा कहानी  कहने की कला को लोकप्रिय बनाने पर बल दिया। काश देश की बिगड़ी  हुई अर्थव्यवस्था की हकीकत    पर मोदी जी  कोई कहानी  ही सुना देते।

Have something to say? Post your comment
More National News
नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी की महिलाओं को सशक्त बनाने का 'महायज्ञ' था: PM मोदी हमारा आत्मबल अजेय है, प्रयास रुकेगा नहीं: महिला आरक्षण बिल पर बोले मोदी नारी शक्ति का 100 फीसदी आशीर्वाद मेरे पास है: प्रधानमंत्री मोदी नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया: महिला आरक्षण बिल पर बोले PM मोदी लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल, सरकार को नहीं मिला 2/3 बहुमत हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया
सामाजिक सद्भाव और इस्लामी शिक्षाएँ
आसिम मुनीर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ईरान पहुंचे बंगाल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बन रही है सरकार-मुख्यमंत्री
दिल्ली:मंत्रिमंडल ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन को सूचित किए जाने वाले भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (2031-2035) को मंजूरी दी