Sunday, April 12, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
पत्रकारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बन रही एमडब्ल्यूबी, सीएम नायब सिंह सैनी को प्रांतीय कार्यक्रम का न्यौतासीपीआर से किया गया प्रयास किसी को दे सकता है नया जीवनहरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य - मुख्यमंत्रीप्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी दादरी की नई सब्जी मंडी में आयोजित विकसित दादरी रैली में की अनेक घोषणाएँडॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में तुरंत सुधार के दिए निर्देश, 24×7 सेवाएं, निरीक्षण और कमियों के लिए ज़ीरो टॉलरेंसकांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों का हाल देखकर आएं: मुख्यमंत्रीनारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा : आरती सिंह राव
 
Haryana

हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी:जय प्रकाश दलाल

August 14, 2020 04:30 PM

हरियाणा में इस वर्ष कपास उत्पादक किसानों को फसल पकने के समय एकाएक खेतों में कहीं-कहीं काला रतुआ से फसल सूख जाने की समस्या से इस बार जूझना नहीं पड़ेगा। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने बताया कि इस समस्या का हल निकालने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी।

         श्री दलाल ने इस सम्बन्ध में यहां विश्वविद्यालय के कुलपति एवं विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में कृषि महानिदेशक श्री विजय दहिया ने मंत्री को आश्वस्त किया कि फील्ड के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप्प गु्रप बनाया जाएगा, जो आपस में सूचनाओं का अदान-प्रदान करेगा और इस बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए खेतों का दौरा करेगा।

         श्री दलाल ने कहा कि किसानों को कपास की फसल उगाने में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। जब फसल तैयार होने लगती है तो एक ही खेत में पांच-छ: अलग-अलग स्थानों पर अचानक काला रतुआ से फसल सूख जाती हैं और किसान मायूस हो जाता है। इस समस्या का हल करना हमारे लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिरसा, हिसार, बहल-लोहारू, बाढड़ा, चरखी-दादरी, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी जैसे रेतीले क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा है।

 
Have something to say? Post your comment
More Haryana News
पत्रकारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बन रही एमडब्ल्यूबी, सीएम नायब सिंह सैनी को प्रांतीय कार्यक्रम का न्यौता
सीपीआर से किया गया प्रयास किसी को दे सकता है नया जीवन
हरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य - मुख्यमंत्री प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी दादरी की नई सब्जी मंडी में आयोजित विकसित दादरी रैली में की अनेक घोषणाएँ डॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में तुरंत सुधार के दिए निर्देश, 24×7 सेवाएं, निरीक्षण और कमियों के लिए ज़ीरो टॉलरेंस कांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों का हाल देखकर आएं: मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा : आरती सिंह राव जनता की हर आवाज़ का होगा समाधान- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से समाज में आएगा क्रांतिकारी बदलाव -श्रुति चौधरी