Tuesday, February 10, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गुरुग्राम दौरा आज,,ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड में राष्ट्रीय पुरुष दृष्टिहीन क्रिकेट प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्रीमनरेगा में किए गए बदलाव मजदूर और किसानों के हित में : हरविंदर कल्याणकम खर्चीली और दीर्घकालिक रूप से लाभकारी है प्राकृतिक खेती - राज्यपाल आचार्य देवव्रत शिक्षा के सशक्त आधार से ही बनेगा विकसित भारत: राव नरबीर सिंहफरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में दिखाई दे रहा मिनी दुनिया का नजारालक्की ड्रा में करनाल के गांव खेड़ा निवासी धर्म सिंह ने जीती बुलेट41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 8 चैंपियनों के पशुपालकों को मिला 20 लाख का पुरस्कारशहीद इंस्पेक्टर के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घायलों को दी जाएगी एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता : नायब सिंह सैनी
 
Haryana

हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी:जय प्रकाश दलाल

August 14, 2020 04:30 PM

हरियाणा में इस वर्ष कपास उत्पादक किसानों को फसल पकने के समय एकाएक खेतों में कहीं-कहीं काला रतुआ से फसल सूख जाने की समस्या से इस बार जूझना नहीं पड़ेगा। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने बताया कि इस समस्या का हल निकालने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी।

         श्री दलाल ने इस सम्बन्ध में यहां विश्वविद्यालय के कुलपति एवं विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में कृषि महानिदेशक श्री विजय दहिया ने मंत्री को आश्वस्त किया कि फील्ड के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप्प गु्रप बनाया जाएगा, जो आपस में सूचनाओं का अदान-प्रदान करेगा और इस बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए खेतों का दौरा करेगा।

         श्री दलाल ने कहा कि किसानों को कपास की फसल उगाने में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। जब फसल तैयार होने लगती है तो एक ही खेत में पांच-छ: अलग-अलग स्थानों पर अचानक काला रतुआ से फसल सूख जाती हैं और किसान मायूस हो जाता है। इस समस्या का हल करना हमारे लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिरसा, हिसार, बहल-लोहारू, बाढड़ा, चरखी-दादरी, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी जैसे रेतीले क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा है।

 
Have something to say? Post your comment
More Haryana News
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का गुरुग्राम दौरा आज,,ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट ग्राउंड में राष्ट्रीय पुरुष दृष्टिहीन क्रिकेट प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री
मनरेगा में किए गए बदलाव मजदूर और किसानों के हित में : हरविंदर कल्याण कम खर्चीली और दीर्घकालिक रूप से लाभकारी है प्राकृतिक खेती - राज्यपाल आचार्य देवव्रत शिक्षा के सशक्त आधार से ही बनेगा विकसित भारत: राव नरबीर सिंह फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में दिखाई दे रहा मिनी दुनिया का नजारा लक्की ड्रा में करनाल के गांव खेड़ा निवासी धर्म सिंह ने जीती बुलेट 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 8 चैंपियनों के पशुपालकों को मिला 20 लाख का पुरस्कार शहीद इंस्पेक्टर के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, घायलों को दी जाएगी एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता : नायब सिंह सैनी
पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना है सरकार का लक्ष्य : नायब सिंह सैनी
सूरजकुंड मेले हादसे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जताया गहरा दुख, मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की