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हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी:जय प्रकाश दलाल

August 14, 2020 04:30 PM

हरियाणा में इस वर्ष कपास उत्पादक किसानों को फसल पकने के समय एकाएक खेतों में कहीं-कहीं काला रतुआ से फसल सूख जाने की समस्या से इस बार जूझना नहीं पड़ेगा। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने बताया कि इस समस्या का हल निकालने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के वैज्ञानिकों की एक टीम गठित की है जो कपास बाहुल्य क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी।

         श्री दलाल ने इस सम्बन्ध में यहां विश्वविद्यालय के कुलपति एवं विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में कृषि महानिदेशक श्री विजय दहिया ने मंत्री को आश्वस्त किया कि फील्ड के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप्प गु्रप बनाया जाएगा, जो आपस में सूचनाओं का अदान-प्रदान करेगा और इस बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए खेतों का दौरा करेगा।

         श्री दलाल ने कहा कि किसानों को कपास की फसल उगाने में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। जब फसल तैयार होने लगती है तो एक ही खेत में पांच-छ: अलग-अलग स्थानों पर अचानक काला रतुआ से फसल सूख जाती हैं और किसान मायूस हो जाता है। इस समस्या का हल करना हमारे लिए अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिरसा, हिसार, बहल-लोहारू, बाढड़ा, चरखी-दादरी, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी जैसे रेतीले क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा है।

 
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