Monday, January 19, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
नरेंद्र मोदी का नया भारत व नायब सैनी का नया हरियाणा लिख रहा विकास के नये आयाम- केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जरआने वाला बजट होगा मजबूत और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा- ऊर्जा मंत्री अनिल विजदेश व प्रदेश की प्रगति के लिए युवा सबसे बड़ी ताकत - श्याम सिंह राणावीबी जी राम जी हर श्रमिक को काम के साथ सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका के अधिकार की गारंटी-मुख्यमंत्रीहरियाणा सरकार हमेशा स्वतंत्र प्रेस के साथ मजबूती से खड़ी है : मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनीडिजिटल पुलिसिंग से नागरिकों की सुरक्षा, पारदर्शिता और भरोसा हुआ मजबूत- डॉ. सुमिता मिश्रामुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से ब्रिटिश कोलंबिया प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकातझूठे वायदों' को नकार कर जनता ने चुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'विकास वाली राजनीति' : ऊर्जा मंत्री अनिल विज
 
Bhavishya

सबरीमला मंदिर जाने पर सास ने बहू को पीटा

January 16, 2019 06:01 AM

COURTESY NBT JAN 16, कोल्लम : सबरीमाला मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी ने केरल सरकार से इस तरह के नफरत भरे व्यवहार की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मुद्दे पर केरल सरकार का व्यवहार किसी भी पार्टी या सरकार द्वारा किए गए इतिहास के सबसे शर्मनाक बर्ताव में से एक है। मोदी ने कहा कि कम्युनिस्ट भारत की संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता का सम्मान नहीं करते। इसके लिए प्रधानमंत्री ने एलडीएफ सरकार और यूडीएफ की अगुआई वाले विपक्ष को भी निशाने पर लिया।
!• भाषा, तिरुवनंतपुरम : सबरीमला मंदिर की परंपराओं को तोड़ वहां पूजा के लिए प्रवेश करने वाली एक महिला ने मंगलवार को अपनी सास पर मारपीट का आरोप लगाया। मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन के बाद 44 साल की कनकदुर्गा सुरक्षा कारणों से पिछले दो हफ्ते से छिपी हुईं थीं। वह मंगलवार सुबह पेरिनथलमन्ना स्थित अपने घर पहुंचीं। पुलिस के अनुसार, घर में घुसने के साथ ही कनकदुर्गा की अपनी ससुराल वालों से बहस हो गई। वे मंदिर में उसके प्रवेश का जोरदार विरोध कर रहे थे। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि उनकी सास ने लकड़ी के फट्टे से कथित तौर पर पिटाई की। उन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बता दें कि कनकदुर्गा के ससुराल वालों के साथ-साथ मायकेवाले भी मंदिर में प्रवेश के उनके फैसले का विरोध कर रहे हैं।

'कोई गुप्त अजेंडा नहीं' : केरल सरकार ने मंगलवार को हाई कोर्ट को बताया कि दो जनवरी को सबरीमला में ‘दो महिला श्रद्धालुओं की तीर्थयात्रा’ में राज्य या पुलिस का कोई ‘गुप्त अजेंडा’ नहीं था। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के उसके फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर 22 जनवरी से शायद सुनवाई नहीं हो सके। वजह एक न्यायाधीश स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर हैं।

Have something to say? Post your comment