हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर मुख्यालय, पंचकूला से असिस्टेंट डायरेक्टर नर्सिंग (ADN) के पद पर कार्यरत रीता शर्मा ने अपने सफल और प्रेरणादायक कार्यकाल के बाद सेवा निवृत्ति ग्रहण की। लगभग पांच वर्षों तक इस महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए उन्होंने न केवल अपने दायित्वों का कुशल निर्वहन किया, बल्कि नर्सिंग प्रशासन को नई दिशा देने में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई।हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर मुख्यालय, पंचकूला में आयोजित सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में विभाग की डायरेक्टर अंजली सचदेवा ने श्री मति रीता शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया।विभाग की एस एम ओ डॉक्टर सुनीता कल्याण,ए एस एम ओ डॉक्टर सरिता, उप निदेशक डॉक्टर भूपिंदर व डॉक्टर रिद्धिम इस अवसर पर प्रमुख तौर से मौजूद थे।विभाग की एस एम ओ डॉक्टर सुनीता कल्याण,ए एस एम ओ डॉक्टर सरिता ने रीता शर्मा को शाल दे सम्मानित किया।इस अवसर पर रीता शर्मा के पति चन्द्र शेखर धरणी,बेटा अक्षिल धरणी, पुत्रवधु पूर्वा धरणी,बिटिया अक्षिता धरणी,भाई राजीव शर्मा व भतीजी भव्या शर्मा व वृद्धि शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद थे।
पहली ADN बनने का गौरव
रीता शर्मा का नाम हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर विभाग के इतिहास में विशेष रूप से दर्ज रहेगा, क्योंकि वे इस विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर नर्सिंग के पद पर नियुक्त होने वाली पहली अधिकारी रहीं।
गौरतलब है कि यह पद सरकार द्वारा कुछ वर्ष पूर्व ही सृजित किया गया था, और इसे प्रभावी रूप से स्थापित करना किसी भी अधिकारी के लिए बड़ी चुनौती थी।
रीता शर्मा ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए न केवल पद की गरिमा को स्थापित किया, बल्कि इसकी उपयोगिता और प्रभावशीलता को भी सिद्ध किया।
कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने नर्सिंग सेवाओं के प्रबंधन, स्टाफ समन्वय और कार्य प्रणाली को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
उनकी कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता और टीम वर्क का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। नर्सिंग स्टाफ के बीच सकारात्मक और जिम्मेदार कार्य संस्कृति विकसित करने में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
नर्सिंग सेवाओं में सुधार की दिशा में ठोस पहल
रीता शर्मा के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं, जिनसे नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यकुशलता और पेशेवर जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया।
इसके साथ ही नर्सिंग स्टाफ को नई तकनीकों और आधुनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप ढालने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और समयानुकूल बनी।
जमीनी अनुभव से शीर्ष तक का सफर
असिस्टेंट डायरेक्टर नर्सिंग बनने से पहले रीता शर्मा ने हरियाणा स्वास्थ्य विभाग व ईएसआई हेल्थ केयर में स्टाफ नर्स, नर्सिंग सिस्टर, असिस्टेंट मेट्रन और मेट्रन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उन्होंने रादौर, पानीपत, पंचकूला सहित विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दीं। जमीनी स्तर से लेकर प्रशासनिक नेतृत्व तक का यह अनुभव उनके निर्णयों में परिपक्वता और व्यावहारिक दृष्टिकोण के रूप में स्पष्ट झलकता रहा।
सहयोगी नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण
रीता शर्मा का नेतृत्व केवल प्रशासनिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
उनका व्यवहार सहयोगात्मक, संवेदनशील और मानवीय रहा, जिससे स्टाफ के साथ उनके मजबूत और विश्वासपूर्ण संबंध बने। यही कारण है कि उनके साथ कार्य करने वाले कर्मचारी उन्हें एक कुशल प्रशासक के साथ-साथ एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में याद करेंगे।
यादगार रहेगा योगदान
सेवा निवृत्ति के साथ ही रीता शर्मा के करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूर्ण हुआ, लेकिन उनका योगदान और कार्यशैली लंबे समय तक विभाग के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
हरियाणा ईएसआई हेल्थ केयर विभाग में ADN के रूप में उनकी भूमिका ने न केवल इस पद की अहमियत को स्थापित किया, बल्कि आने वाले अधिकारियों के लिए एक सशक्त और स्थायी आधार भी तैयार किया।