स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा ड्रग्स कंट्रोल विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने गुरुग्राम के सोहना में कबीर नगर में छापेमारी की। यह छापेमारी नशीली दवाओं के कथित अवैध भंडारण और बिक्री के सिलसिले में की गई थी, जिसमें कोडीन-आधारित सिरप की 49 बोतलें और अल्प्राजोलम की 520 टैबलेट ज़ब्त की गईं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि यह छापेमारी गुरुग्राम-III के ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर मुकेश कुमार की अगुवाई वाली टीम ने की थी। इस टीम में सोहना पुलिस स्टेशन के एएसआई वाहेद खान, एलएचसी रचना और अन्य पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।
टीम ने कबीर नगर, सोहना में एक रिहायशी मकान पर छापेमारी की, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर इमरान के बेटे आमिर द्वारा नशीली दवाओं के अवैध भंडारण और बिक्री के लिए किया जा रहा था।
डॉ. मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब टीम उस जगह पहुँची, तो घर के अंदर मौजूद महिलाओं ने अंदर से एंट्री गेट बंद कर लिया। टीम ने घर में घुसने की कोशिश की, जबकि कुछ पड़ोसियों ने भी मौके पर हंगामा किया।
उन्होंने बताया कि इसी बीच, घर की छत से कोडीन सिरप की 49 बोतलों वाला एक प्लास्टिक का बोरा और अल्प्राजोलम टैबलेट की 520 गोलियों वाला एक डिब्बा घर के पीछे खुली ज़मीन पर फेंका गया।
इसके बाद, आरोपी आमिर कथित तौर पर मौके से भाग गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
ज़ब्त की गई दवाएं पुलिस ने अपने कब्ज़े में ले लीं। इसके बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए सोहना पुलिस स्टेशन में शिकायत दी गई।
यह मामला नशीले/साइकोट्रोपिक पदार्थों वाली दवाओं के कथित अवैध भंडारण और बिक्री से जुड़ा है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि कोडीन-आधारित सिरप, अल्प्राजोलम और अन्य दोहरे इस्तेमाल वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री केवल रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही की जानी चाहिए। सभी केमिस्टों को निर्देश दिया गया है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और बिना प्रिस्क्रिप्शन के इन दवाओं को न बेचें और न ही इनकी सप्लाई करें।