हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक की अध्यक्षता में हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ स्थित एनआईसी सभागार में विभिन्न संस्थानों के विकास कार्यों, गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित हुई।
बैठक में आगामी गन्ना पिराई सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गन्ना किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि पिराई सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों का संचालन सुचारू, प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित किया जाए तथा किसानों को उनके गन्ने का भुगतान निर्धारित समय पर मिले। किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने और संबंधित संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया।
श्री कौशिक ने कहा कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में किसान एवं कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए गन्ना किसानों से जुड़े प्रत्येक विषय को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आगामी पिराई सीजन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को मिलों तक गन्ना पहुंचाने से लेकर भुगतान मिलने तक किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
श्री कौशिक ने कहा कि “किसानों को सुविधा, समय पर गन्ने का भुगतान, चीनी मिलों का सुचारू संचालन और सार्वजनिक एवं सहकारी संस्थानों की कार्यकुशलता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को आपसी समन्वय के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान हितैषी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आगामी गन्ना पिराई सीजन में किसानों को बेहतर सुविधाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस संयुक्त समीक्षा बैठक का मूल उद्देश्य इन सभी संस्थानों के बीच एक मजबूत और जीवंत अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित करना है, ताकि कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी नीतियों का सीधा, पारदर्शी और त्वरित लाभ जमीनी स्तर पर प्रत्येक किसान और जनमानस तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती एवं विशेष सचिव, वित्त विभाग मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा अपने-अपने संस्थानों के कार्य, प्रगति, विकास गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं की प्रजेंटेशन दी गई।
बैठक में हरको बैंक, हैफेड, हरियाणा डेरी विकास संघ, हरियाणा राज्य सहकारी फेडरेषन शुगर मिल तथा सहकारी चीनी मिल करनाल, सोनीपत, पानीपत, पलवल, जींद, शाहाबाद, महम, कैथल, रोहतक एवं गोहाना के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त हरियाणा वित्तीय निगम, कॉन्फेड, हरकोफेड सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक में हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी ढांचे के आधारस्तंभ माने जाने वाले प्रमुख उपक्रम हरको बैंक, हैफेड, हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन और शुगर फेडरेशन ने अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित की। इसके अतिरिक्त, राज्य के वित्तीय, वितरण और उपभोक्ता कल्याण तंत्र को गति प्रदान करने वाले हरियाणा वित्तीय निगम के शीर्ष प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इन सभी महत्वपूर्ण विभागों ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न केवल अपनी वर्तमान प्रगति और कार्यकुशलता का विस्तृत ब्यौरा दिया, बल्कि भविष्य की रणनीतियों की भी स्पष्ट जानकारी दी।