हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को निरंतर मजबूत कर रही है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, संस्कृति और कौशल विकास के सशक्त केंद्र बन चुके हैं।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा शुक्रवार को रोहतक में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, काहनौर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कलानौर के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि काहनौर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नया भवन क्षेत्र की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में स्थापित यह विद्यालय पिछले लगभग आठ दशकों से क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के साथ संस्कार एवं चरित्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्ष 2013 में इसे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर का दर्जा तथा वर्ष 2019 में विज्ञान संकाय की सुविधा प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विज्ञान शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा प्रत्येक सरकारी विद्यालय में पेयजल, शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, बिजली, पंखे और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश विद्यालयों में यह कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरे कर लिए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों पर विश्वास जताते हुए अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर नियुक्त होते हैं और उनकी योग्यता किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं है। आधुनिक भवन, विशाल परिसर, हरित वातावरण और प्रशिक्षित शिक्षक सरकारी विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा शिक्षकों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का परीक्षा परिणाम निरंतर बेहतर हुआ है और अब 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुका है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शुरू की गई सुपर-100 योजना के अत्यंत उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए इस योजना का विस्तार कर इसे 500 विद्यार्थियों तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने रोहतक जिले में जिला प्रशासन एवं समाज के सहयोग से संचालित सुपर-40 कार्यक्रम की भी सराहना करते हुए इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे केवल विकास कार्यों तक सीमित न रहकर प्रत्येक बच्चे की शिक्षा तथा पात्र नागरिकों तक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने में विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यही सफलता का सबसे मजबूत आधार है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का आधार बताया तथा छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विद्यालयों की सभी वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
सरकार ने बदली विद्यालयों की तस्वीर :- मनीष ग्रोवर
पूर्व सहकारिता मंत्री श्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा हरियाणा सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों ने सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। शिक्षकों के स्थानांतरण की ऑनलाइन एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के भवन, संसाधन और शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिल रहा है।