12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हरियाणा के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा सांसदों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता कर योगाभ्यास किया और नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन विरासत बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, जीवन का स्थाई हिस्सा बनाएं: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल
12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को करनाल में जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समारोह में उपस्थित साधकों और आमजन को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि योग महज एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। हमें इसे अपने जीवन का स्थाई हिस्सा बनाना होगा। हर दिन अपने शरीर, मन और चित्त को स्वस्थ रखने के लिए योग का नियमित अभ्यास बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि योग निरोगी रहने का एकमात्र और सबसे सुलभ साधन है। योग शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ता है और हमें मजबूत और शांतिपूर्ण बनाता है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने रिकॉर्ड 177 सह-समर्थक देशों के साथ 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस‘ मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार किया कि योग स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए पूर्णतावादी दृष्टिकोण प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि योग भारतवर्ष की प्राचीन विधा है। आज पूरे देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में इसे एक वार्षिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि योग विधा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए महर्षि पतंजलि और आधुनिक समय में स्वामी रामदेव जैसी विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि बचपन में शरीर बहुत लचीला होता है और इस उम्र में योग का सबसे अधिक लाभ मिलता है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि अब योग और योगासन को दुनिया भर में प्रतियोगिता के तौर पर भी शामिल किया जाने लगा है जिनमें भारत द्वारा गत वर्ष 114 मेडल जीते गए हैं, जो भारत के लिए गर्व की बात है।
पलवल में आयोजित जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में केंद्र सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने नागरिकों को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को एक दिन की नहीं बल्कि दैनिक आदत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक तनाव को कम कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया के लोगों को योग से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है।
योग केवल व्यायाम नहीं, आत्मा-तन-मन का समन्वय : राज्यसभा सांसद सुभाष बराला
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने झज्जर में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में योग को भारतीय संस्कृति का अमूल्य उपहार बताते हुए कहा कि यह केवल व्यायाम नहीं, मन, तन और आत्मा के समन्वय की कला है। यह ऋषि मुनियों की अमूल्य धरोहर है। जो अनादि काल से मानव जीवन का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज योग पूरे विश्व में अपनाया जा रहा है और यह भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि योग मन और शरीर को एकाग्रता प्रदान करता है तथा मानसिक शांति का सबसे प्रभावी माध्यम है। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण व सकारात्मक कार्यों में करें।
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन जीने की कला है : राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा
सोनीपत में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मकता, अनुशासन और संतुलन के साथ जीने की कला है। उन्होंने कहा कि योग वह अमूल्य विद्या है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने हिमालय की तपोभूमि में साधना के माध्यम से खोजा था। सदियों पूर्व महर्षि पतंजलि ने योग सूत्रों के माध्यम से अष्टांग योग का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित स्वरूप विश्व को प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि यदि महर्षि पतंजलि योग के आध्यात्मिक जनक हैं तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आधुनिक युग में योग के वैश्विक पुनर्जागरण के पुरोधा हैं, जिन्होंने आश्रमों और पुस्तकों तक सीमित योग को जन-जन तक पहुंचाकर इसे वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।