हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग और श्रीमद्भगवद्गीता भारत की अमूल्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर हैं, जिनका संदेश आज सम्पूर्ण विश्व को शांति, संतुलन और मानव कल्याण का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान की धरती पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का संयुक्त आयोजन भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के वैश्विक प्रसार का सशक्त माध्यम बन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री सैनी ने जापान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जापानी नागरिकों, योग साधकों तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए गीता मनीषी पूज्य स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज द्वारा गीता के प्रचार -प्रसार किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इसके साथ-साथ उन्होंने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा किए गए सफल आयोजन के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। जापान की धरती पर गीता के ज्ञान और योग साधना का यह अद्भुत संगम विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा गीता के कर्म, सेवा, कर्तव्य और मानवता के संदेश को विश्व भर में प्रसारित करने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हिंदू स्वयंसेवक संघ, इस्कॉन, गीता परिवार तथा जापान में भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार में जुटे सभी संगठनों एवं कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं विदेश में रहकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।