केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण और कम सुविधा वाले क्षेत्रों की महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाने और बचाव-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री रविवार को नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन के तहत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज करनाल के प्रांगण से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 7 मोबाइल स्क्रीनिंग एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल जांच करना ही नहीं, बल्कि ब्रेस्ट हेल्थ को लेकर समाज में हिचक और रूढय़िों को तोडऩा भी है। शुरुआती स्टेज में बीमारी का पता चलने पर इलाज 100 प्रतिशत असरदार होता है। भविष्य में इस मिशन का विस्तार पूरे हरियाणा में किया जाएगा, ताकि हर योग्य महिला तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, संदिग्ध मामलों में मरीजों को समय पर मेडिकल काउंसिल, अस्पतालों में रेफरल और मजबूत फॉलो-अप सिस्टम भी प्रदान किया जाएगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से रूट चार्ट बनाकर दूरदराज के गांवों में रहने वाली महिलाओं के स्वास्थय की जांच करवाएं तथा जांच के उपरांत उनका आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2025 को शुरू किए गए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान से प्रेरित होकर इस मिशन की शुरुआत की है।
उन्होंने बताया कि इस मोबाइल वैन में एडवांस्ड एआई-पावर्ड टेक्नोलॉजी थर्मलिटिक्स का उपयोग किया जाता है। यह एक नॉन-इनवेसिव तकनीक है, जिसके माध्यम से महिलाएं बिना किसी शारीरिक संपर्क (नो-टच), बिना दर्द, बिना किसी रेडिएशन के और अपनी पूर्ण गोपनीयता (प्राइवेसी) बनाए रखकर स्क्रीनिंग करवा सकती हैं। यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित, सटीक और सम्मानजनक है।
यह मिशन बेहद कम समय में दुनिया की सबसे बड़ी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग पहल के रूप में उभरा है। हाल ही में 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस अभियान के तहत एक ही दिन में रिकॉर्ड 5,005 महिलाओं की स्क्रीनिंग करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया गया था। शुरू होने के मात्र 6 महीने के भीतर यह दुनिया का सबसे बड़ा एआई-इनेबल्ड स्क्रीनिंग प्रोग्राम बन गया है, जिसके तहत अब तक 1 लाख से अधिक महिलाओं की निशुल्क जांच की जा चुकी है।
राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि भारत में महिलाओं में ज्यादातर ब्रेस्ट कैंसर की समस्या पाई जाती है, जो कुल मामलों का लगभग 25 प्रतिशत है। जागरूकता की कमी और संकोच के कारण लगभग 60 प्रतिशत मामलों का पता आखिरी स्टेज पर चलता है, जिससे इलाज बेहद कठिन हो जाता है।