हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने प्रशासनिक व्यवस्था में गति और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि किसी भी सरकार की कार्यक्षमता का सही आकलन उसके कार्यालयों में फाइलों की गति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब फाइलें समय पर आगे बढ़ती हैं, तो उसका सीधा लाभ आम जनता को मिलता है और विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलती है।
श्री विज ने स्पष्ट किया कि उनकी कार्यशैली का मूल सिद्धांत यही है कि कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। इसी उद्देश्य से वे अपने विभागों की नियमित समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हैं कि प्रत्येक फाइल का शीघ्र, पारदर्शी और प्रभावी निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक देरी न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करती है, बल्कि इससे जनता का विश्वास भी कमजोर होता है।
इसी क्रम में आज श्री विज के वरिष्ठ सचिव विजय शर्मा और निजी सचिव दलबीर सिंह अंबाला पहुंचे, जहां श्री विज ने ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम विभाग से संबंधित फाइलों की स्थिति की समीक्षा कर उनका त्वरित निपटान सुनिश्चित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
श्री विज ने बताया कि उनके द्वारा अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निपटने के निर्देश दिए हुए है क्योंकि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है और उसका मूल उद्देश्य जनकल्याण है, इसलिए हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है कि वह पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
उन्होंने आगे कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। जब तक फाइलों का समय पर निपटान नहीं होगा, तब तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच सकेगा। इसी सोच के साथ वे अपने विभागों में कार्य संस्कृति को अधिक गतिशील, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
श्री विज ने दोहराया कि उनके कार्यालय में किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से रोका नहीं जाता, ताकि विकास कार्यों में तेजी आए और प्रदेश की जनता को बेहतर, समयबद्ध और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।