Thursday, July 23, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
शिक्षण संस्थानों से अधिकतम युवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जोड़े - प्रधान सचिव राजीव रंजनगृह नगर' और 'स्थायी पता' दोनों अलग-अलग अवधारणाएंगन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणामुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकतहरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरीराज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभभगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारतीय संस्कृति, समरसता और सेवा का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्रीआज कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगी बीजेपी, राहुल के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन की तैयारी
Haryana

संस्मरण "असली जननायक का दिल सदैव गरीब के लिए धड़कता था"।

September 22, 2023 04:57 PM

चौधरी देवीलाल जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठे हुए एक महान राजनीतिज्ञ और राष्ट्रवादी शख्स थे। ऐसे महान नेता राजनीति में विरले ही मिलते हैं। चौधरी देवीलाल का दिल सदैव गरीबों के लिए धड़कता था। इसलिए जनता ने चौधरी देवीलाल को जननायक का दर्जा दिया है। इसका जीता जागता उदाहरण मुझे स्वयं 1989 में देखने को मिला और बखूबी महसूस भी किया चौधरी देवीलाल ने 31 मार्च 1989 में मेरे गांव खेड़ी मसानिया में जिन परिस्थितियों में हरिजन चौपाल का उद्घाटन किया था उससे चौधरी देवीलाल को 36 बिरादरी का नेता होने की प्रामाणिकता और पुख्ता हुई थी।


 मामला यह था कि उस समय मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने गांव-गांव में हरिजन चौपालों का निर्माण करवाए जाने की घोषणा की थी और हजारों गांव में हरिजन चौपालों का निर्माण करवाया गया था। चौपाल के निर्माण के लिए मैचिंग ग्रांट के रूप में आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया था। हरिजन चौपाल के लिए मैचिंग ग्रांट देने की जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार में उद्योग मंत्री डॉ कृपाराम पूनिया को सौंपी गई थी। डॉक्टर पूनिया  चौधरी देवीलाल के अत्यंत ही विश्वास पात्र थे और चौधरी देवीलाल उनकी हर बात पर विश्वास करते थे।

 उन्हीं दिनों में मैं अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर समाज सेवा का कार्य कर रहा था। मोहल्ला वासियों की सहमति से गांव में श्री गुरु रविदास मंदिर का शिलान्यास और चौपाल के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए तत्कालीन उद्योग मंत्री डॉ कृपाराम पूनिया का कार्यक्रम लेने की  जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई। चंडीगढ़ में डॉक्टर कृपाराम पुनिया से मुलाकात के बाद 12 मार्च का प्रोग्राम तय हो गया। इसी के चलते 12 मार्च 1989 को डॉक्टर के आर पूनिया दोनों भवनों के उद्घाटन व शिलान्यास के लिए खेड़ी मसानिया गांव में आ रहे थे तो कुछ लोगों ने षड्यंत्रकारी राजनीति के तहत उनका रास्ता रोक दिया और खेड़ी मसानिया गांव में न जाने के लिए कहा। स्थिति को भांपते हुए डॉक्टर कृपाराम पूनिया वापस चंडीगढ़ चले गए और चौधरी देवीलाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।अगले दिन यह खबर सभी राष्ट्रीय समाचार पत्रों के पहले पन्ने पर छपी थी। हालांकि मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।डॉक्टर कृपाराम पूनिया ने मुझे अगले दिन चंडीगढ़ बुलाया और इलाके के पूरे माहौल की जानकारी ली इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ में ही मुझे चौधरी देवीलाल से मिलवाया तब चौधरी देवीलाल ने मुझे कहा कि ''हां भाई छोरे क्या चाहते हो तुम''!  मैंने उन्हें यही कहा की डॉक्टर कृपाराम पूनिया तो आएं ही आप भी हमारी चौपाल के उद्घाटन समारोह में आए तो क्षेत्र के गरीब दलित व अनुसूचित जाति के लोगों को खुशी होगी । तब चौधरी देवीलाल ने विश्वास भरे शब्दों में अपने ही अंदाज में कहा था। मैं  गांव खेड़ी मसानिया में 31 मार्च को आऊंगा और आप तैयारी करो।  12 मार्च और 31 मार्च के बीच बड़ी ही असमंजस की स्थिति बनी रही कि मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल खेड़ी मसानिया आएंगे या नहीं।  इस दौरान कार्यक्रम का स्थान बदलने व कार्यक्रम को रद्द  करवाने के लिए मुझ पर कई प्रकार से दबाव बनाया गया, लेकिन चौधरी देवीलाल ने सभी शंकाएं दूर करते हुए गांव की चौपाल का 31 मार्च को उद्घाटन और श्री गुरु रविदास मंदिर का शिलान्यास किया और भारी भीड़ को संबोधित किया। साथ ही मैचिंग ग्रांट की घोषणा करते हुए उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि गरीब उत्थान और ग्रामीण विकास के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस प्रकार से  गांव की चौपाल का निर्माण कार्य पूरा हुआ और आज यह एक आलीशान भवन बना है, जिसे जो भी कोई व्यक्ति देखता है तो उसकी प्रशंसा करते नहीं थकता।  खेड़ी मसानिया गांव के साथ साथ पूरे हरियाणा के अनुसूचित जाति समुदाय के लोग भी उसे एक ऐतिहासिक क्षण मानते हुए आज चौधरी देवीलाल को उनके जन्मदिवस पर नमन करते हैं याद करते हैं।

 आलेख ------सतीश मेहरा
उपनिदेशक,सूचना एवं जनसंपर्क ( सेवानिवृत्त) हरियाणा राज भवन।
Have something to say? Post your comment
More Haryana News
शिक्षण संस्थानों से अधिकतम युवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना से जोड़े - प्रधान सचिव राजीव रंजन
गृह नगर' और 'स्थायी पता' दोनों अलग-अलग अवधारणाएं गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी राज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभ
भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारतीय संस्कृति, समरसता और सेवा का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले फ़रीदाबाद के पंशुल बंसल , पंशुल ने NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 किया है प्राप्त,मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि पर दी बधाई एवं शुभकामनाएं,पंशुल की यह सफलता हरियाणा समेत पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत- मुख्यमंत्री
हरियाणा ने रचा नया बिजली खपत का रिकॉर्ड, यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन ने संभाला बढ़ते लोड का दबाव - अनिल विज
लोगों को सुलभ, किफायती और त्वरित न्याय देने के लिए हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अनूठी पहल