अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रभारी श्री संजय दत्त और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करने, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में जनता का विश्वास बहाल करने का लोकतांत्रिक आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक सीमित नहीं है, बल्कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, दोहरी प्रविष्टियों, चुनावी आंकड़ों में विसंगतियों तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े गंभीर सवाल भी उठाता है।
*स्वतंत्र जांच आवश्यक*
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र, कर्नाटक के महादेवपुरा और अलंद तथा हरियाणा से जुड़े मामलों में उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए दोनों नेताओं ने आरोपों की स्वतंत्र जांच और सत्यापन की मांग की। उन्होंने महाराष्ट्र में दो चुनावों के बीच लगभग 39 लाख अतिरिक्त मतदाताओं के जुड़ने और महादेवपुरा में 1,00,250 प्रभावित मतों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
नेताओं ने 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त श्री सुखबीर सिंह संधू और श्री विवेक जोशी ने लगभग दस महीनों के दौरान मतदाता सूचियों, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने तथा चुनावी डेटाबेस और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां उठाई थीं।
निर्वाचन आयोग के हलफनामे में कई अहम सवाल अनुत्तरित
27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में निर्वाचन आयोग द्वारा दाखिल हलफनामे में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं। आयोग का यह कहना कि SIR से जुड़े संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे, अपने आप में ऑनलाइन फॉर्म-6 में किए गए बदलावों, ECINet सॉफ्टवेयर और चुनावी डेटाबेस के केंद्रीकरण, गोवा में मतदाता पंजीकरण तथा पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से संबंधित अपीलों पर उठे सवालों का समाधान नहीं करता।
*दोनों नेताओं ने स्पष्ट, दस्तावेज़-आधारित जवाबों तथा व्यापक, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की।* उन्होंने कहा कि उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना और अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जवाबदेही तय करना है, न कि जांच से पहले किसी को दोषी ठहराना।
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी राजनीतिक मांग दोहराते हुए निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया तथा उन्हें प्राप्त कानूनी संरक्षणों की समीक्षा की मांग की, ताकि निर्वाचन आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता और जवाबदेही मजबूत हो सके।
प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा हो
प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए नेताओं ने लगभग 13.3 करोड़ नाम बहाल करने की कांग्रेस की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले का पारदर्शी सत्यापन होना चाहिए और पात्र मतदाताओं को अपने विवरण में सुधार कराने, आपत्तियां दर्ज करने तथा अपील करने के प्रभावी अवसर मिलने चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय, पारदर्शिता और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित होने तक SIR स्थगित रखा जाए।
उन्होंने हरियाणा की जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अग्रिम संगठनों से अपील की कि वे नागरिकों को मतदाता सूचियों की जांच करने, शिकायतों का दस्तावेजीकरण करने और प्रभावित मतदाताओं का मार्गदर्शन करने में सहायता करें।
*‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन अभियान*
यह अभियान ‘वोट रक्षक’ पहल, 2 नवंबर से 25 नवंबर तक गांव-गांव आयोजित होने वाली ‘चौपालों’, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मेगा रैली तथा 25-26 नवंबर को आयोजित होने वाले ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के माध्यम से हर जिले, ब्लॉक, गांव और मतदान केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
*कांग्रेस की प्रमुख मांगें:*
कथित चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र, व्यापक और समयबद्ध जांच कराई जाए।
निर्वाचन आयोग के हलफनामे और खोजी रिपोर्टों में उठाए गए सवालों के स्पष्ट एवं साक्ष्य-आधारित जवाब दिए जाएं।
पर्याप्त सुरक्षा उपायों और प्रभावी अपील व्यवस्था की स्थापना तक SIR स्थगित रखा जाए।
पात्र मतदाताओं के नामों का पारदर्शी सत्यापन किया जाए और जहां आवश्यक हो, उनके नाम बहाल किए जाएं।
निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए संस्थागत सुधार किए जाएं।
संयुक्त बयान
*श्री संजय दत्त और श्री राव नरेंद्र सिंह ने संयुक्त बयान में कहा:*
“मतदान का अधिकार हमारे लोकतंत्र की नींव है। किसी भी पात्र नागरिक को प्रशासनिक त्रुटियों, अपारदर्शी प्रक्रियाओं या निष्पक्ष सुनवाई का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
निर्वाचन आयोग को जायज सवालों के जवाब देने चाहिए और संबंधित अभिलेख स्वतंत्र जांच के लिए उपलब्ध कराने चाहिए। जनता का विश्वास केवल पारदर्शिता, सत्यापन योग्य साक्ष्यों और जवाबदेही के माध्यम से ही बहाल किया जा सकता है।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ संविधान की रक्षा, जनदेश की सुरक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का सामूहिक संघर्ष है। हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस अभियान से जुड़ें और इसका संदेश हर जिले, गांव, घर और मतदान केंद्र तक पहुंचाएं।”