हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के बच्चों और माताओं के बेहतर पोषण व उत्तम स्वास्थ्य की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अगस्त 2020 से सफलतापूर्वक संचालित 'मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना' (MMDUY) राज्य में कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ लड़ाई में एक बेहद महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा द्वारा चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य 1 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान करना है। इसके तहत प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रत्येक उत्पाद का वितरण सप्ताह में 2 दिन सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस योजना के तहत दिए जाने वाले पौष्टिक आहार के विवरण की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने आगे बताया कि लाभार्थियों को विटामिन-ए और डी-2 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध 200 मिलीलीटर फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क, 45 ग्राम का माइक्रोन्यूट्रिएंट इंस्टेंट खीर मिक्सचर तथा 30 ग्राम का प्रोटीन मिल्क बार प्रदान किया जा रहा है। यह उत्पाद बच्चों की दैनिक आवश्यकता के अनुसार प्रोटीन और कैलोरी की आपूर्ति करने में पूर्णतः सहायक हैं।
प्रवक्ता ने आगे स्पष्ट किया कि इस योजना के लागू होने से प्रदेश के बच्चों में कम वजन और ठिगनापन (स्टंटिंग) की समस्या में तेजी से कमी आई है तथा कुपोषण व एनीमिया की रोकथाम में बड़ी सफलता मिली है। इसके साथ ही, इन पौष्टिक आहारों के वितरण से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का संकल्प है कि 'बेहतर पोषण, स्वस्थ बचपन, सशक्त हरियाणा' के विजन को साकार करते हुए राज्य के प्रत्येक बच्चे और माँ का सर्वांगीण स्वास्थ्य विकास सुनिश्चित किया जाए।