हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को फरीदाबाद जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेक्टर 10 और राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल दौलताबाद का दौरा किया। राज्यपाल ने इन स्कूलों में शिक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, बिजली सहित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने इन स्कूलों की प्राइमरी विंग के क्लासरूम में जाकर बच्चों से सीधा संवाद किया। राज्यपाल ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में अच्छा नागरिक बनने के लिए भी विशेष रूप से प्रेरित किया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने स्कूल की विजिट करने के बाद कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों का समग्र विकास तभी संभव है, जब अभिभावक और शिक्षक मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल, स्वास्थ्य, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिसमें स्वच्छ पानी, शौचालय और खेल सामग्री प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में विशेष बजट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल ने दोनों स्कूलों में आर्थिक रूप से जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्टाइफंड देने और स्कूलों में विकास कार्य के साथ विभिन्न सुविधाओं के लिए 10-10 लाख रुपए की राशि देने की भी घोषणा की।
बच्चों का टैलेंट पहचान कर आगे बढ़ाएं अभिभावक
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कार्यक्रम में अभिभावकों से आह्वान किया कि हर बच्चे में अलग-अलग प्रकार का टैलेंट होता है। कोई बच्चा खेल क्षेत्र में अच्छा कर सकता है तो कोई बच्चा शिक्षा में अच्छा कर सकता है। अभिभावकों को उनका टैलेंट पहचान कर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
शिक्षक बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत
प्रो. घोष ने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि बच्चों के मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत भी होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना विकसित करें। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को सही दिशा देने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयासों से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है और वे देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। इस अवसर उन्होंने फरीदाबाद के एशियन जूनियर हॉकी गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी कुणाल तेवतिया, स्कूल में आर्थिक रूप से सहयोग देने वाले एफआईए प्रेसिडेंट राज भाटिया, इंडो ऑटो टेक डायरेक्टर सतीश जैन, एफआईए से सीएसआर पैनल चेयरमैन प्रतिनिधि सिद्धार्थ चावला और एस्कॉर्ट कुबोटा को भी सम्मानित किया।
विद्यालय परिसर का बारीकी से लिया जायजा
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने दोनों विद्यालयों में क्लास रूम के साथ-साथ पूरे परिसर का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, शौचालय का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विद्यालय में खेल का मैदान नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों के लिए मैदान की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मिड-डे मील के बारे में भी जानकारी लेते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में स्टाफ सदस्यों को भी व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस मौके पर डीसी आयुष सिन्हा, एसडीएम डॉ. हन्नी बंसल, डीईओ अंशु सिंगला और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।