हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए हरियाणा दिव्यांग पेंशन नामक योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो अपने संसाधनों से भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और जिन्हें राज्य से वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। लगभग 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्तियों को 3200 रुपये प्रतिमाह की दर से हर माह 2 लाख 7104 पात्र व्यक्तियों को दिव्यांग पैंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस पैंशन योजना में पात्र लाभार्थियों को हर महीने संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी के माध्यम से सूची में नाम भी जोड़ा जाता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि दिव्यांग पात्रता मानदंडो में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दिव्यांग व्यक्तियों को शामिल किया जाता है। आवेदक हरियाणा का निवासी तथा आवेदन जमा करते समय पिछले 15 वर्षों से हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) तथा उसके करीबी रिश्तेदार जैसे माता-पिता, बेटा, बेटे के बेटे उसका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं तथा सभी स्रोतों से उसकी वार्षिक आय श्रम विभाग द्वारा अधिसूचित और विभाग द्वारा वर्ष-दर-वर्ष प्रसारित अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी से अधिक नहीं होनी चाहिए।
हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया रोगियों पर कोई आयु सीमा नहीं लागू
उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के रोगियों के लिए दिव्यांग पेंशन लेने के लिए कोई आयु सीमा लागू नहीं है, लेकिन आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
श्री बेदी ने बताया कि हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी होने पर ही सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के तहत वितिय सहायता दी जाएगी। थैलेसीमिया के मामले में लाभार्थी को संबंधित सिविल सर्जन द्वारा हर साल प्रमाण-पत्र सत्यापन करना होगा कि वह ठीक हो गया है या नहीं। यदि सत्यापन के बाद यह पाया जाता है कि लाभार्थी ठीक हो गया है, तो उसकी वित्तीय सहायता तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी। हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मामले में इस योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता आवेदक द्वारा किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत प्राप्त लाभ के अतिरिक्त होती है।
उन्होंने आगे बताया कि यह दिव्यांग पेंशन योजना उन व्यक्तियों पर लागू होगी जो हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित किसी एक बीमारी से पीड़ित हैं। चलने फिरने में अक्षमता, ठीक हो चुके कुष्ठ रोगी, सेरेब्रल पॉल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, अंधापन, कम दृष्टि, सुनने मे कमी, बोलने और भाषा संबंधी अक्षमता, बौद्धिक अक्षमता, विषिष्ठ सीखने की अक्षमता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक बीमारी, क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां, मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, सिकल सेल रोग, मल्टीपल विकलांगता, एसिड अटैक आदि से पीड़ित होकर दिव्यांग हो गए हैं। इसके अलावा बौना व्यक्ति को भी सरकार की दिव्यांगता श्रेणी में रखकर मासिक पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।