मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी की पावन धरा से आज आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का‘वोकल फॉर लोकल और विकसित भारत-2047‘ का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। खादी स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी स्वदेशी का प्रतीक थी। इसने बिना किसी हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में, माननीय प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘खादी फोर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांसफॉर्मेशन’ का मंत्र दिया है। आज सिवानी का यह उत्सव इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम है।
खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के अलग अलग जिलों के लाभार्थियों को उनके पास जाकर बात की और मशीने व टूल्स वितरित किए। मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। इसी प्रकार शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। कार्यक्रम में खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पगड़ी पहनाकर व खादी से बना शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही चरखे का स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ऑनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बॉक्स भी वितरित किए।
972 कारीगरों को 3 हजार 645 मशीनें एवं टूलकिट्स की गई प्रदान
इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को 3 हजार 645 मशीनें एवं टूलकिट्स प्रदान की गई हैं। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बॉक्स एवं बी-कॉलोनी, सिलाई मशीनें, टर्न वुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें हजारों परिवारों के सपनों को गति देने वाले साधन हैं।ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। यह राशि हजारों नए उद्यमों, नए उद्योगों और नए रोजगारों के द्वार खोलेगी। यह राशि युवाओं के सपनों पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह उन हाथों को शक्ति देने का प्रयास है, जो मेहनत करना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं और अपने परिवार के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहते हैं।
पिछले 12 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में हुआ अभूतपूर्व परिवर्तन -मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज भारत माता के महान सपूत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती भी है। मैं आप सबको उनकी जयंती की हार्दिक बधाई देता हूं। देश में पिछले 12 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में जो अभूतपूर्व परिवर्तन आया है, वह अपने आप में एक मिसाल है। वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उत्पादन 5 गुणा बढ़कर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इससे करोड़ों परिवारों की आय में बढ़ोतरी हुई है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग 2 करोड़ रोजगार पैदा हुये हैं। खादी कारीगरों के पारिश्रमिक में चार गुणा बढ़ोतरी हुई है। हमारे लिए गर्व की बात है कि खादी क्षेत्र से जुड़े 80 प्रतिशत कारीगर हमारी माताएं-बहनें हैं। यह परिवर्तन महिला सशक्तिकरण की एक नई क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। हमारी सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है। इन समूहों द्वारा बनाए गए बेहतरीन उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश में पहुंचाने के लिए हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं। हरियाणा सदैव परिश्रम, उद्यमिता और आत्मसम्मान की भूमि रहा है। यहां के किसान खेतों में सोना उगाते हैं। यहां के जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। और यहां के कारीगर अपनी प्रतिभा से समाज को नई दिशा देते हैं।
हरियाणा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खादी एवं ग्रामोद्योग की 96 सक्रिय संस्थाओं के माध्यम से लगभग 58 हजार 796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। इसी प्रकार, प्रदेश में ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 1 लाख 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अब तक इस योजना में 5 हजार 533 मशीनें और टूलकिट्स दी जा चुकी हैं। यह दर्शाता है कि हरियाणा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत पिछले 12 वर्षों में हरियाणा में 18 हजार 683 नई इकाइयों की स्थापना हुई है। इसके लिए लगभग 638 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई।इससे 1 लाख 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित हुए हैं। यह उपलब्धि हरियाणा के मेहनतकश युवाओं और उद्यमियों की सफलता की कहानी है।
पानीपत में खोला जाएगा राष्ट्रीय स्तर का ट्रेनिंग हैंडलूम इंस्टीट्यूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में हैंडलूम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में 10 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय स्तर का ट्रेनिंग हैंडलूम इंस्टीट्यूट खोला जाएगा और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग के हेतु प्रत्येक ब्लॉक में एक आधुनिक ग्राम हाट की भी स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 20 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
गांवों तक पहुँचने चाहिए रोज़गार के अवसर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हम ऐसे समय में खड़े हैं, जब माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में दुनिया भारत को नई आशा और नए विश्वास के साथ देख रही है। वर्तमान में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आत्मनिर्भरता, नवाचार व उद्यमिता को विकास का आधार बनाया है। गांवों के विकास के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसीलिए भाजपा की डबल इंजन सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। सरकार का संकल्प है कि गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं ताकि, युवा रोजगार की तलाश में अपना गांव छोड़ने को मजबूर न हों। हमारा लक्ष्य है कि हर गांव में कौशल, स्वरोजगार और लघु उद्योगों का नेटवर्क विकसित हो।
खादी में भविष्य के लिए अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम के माध्यम से आज जब एक युवा मधुमक्खी पालन के लिए बी-बॉक्स प्राप्त करेगा। जब कोई बहन सिलाई मशीन से अपना उद्यम शुरू करेगी। जब कोई कारीगर आधुनिक टूलकिट से अपनी उत्पादकता बढ़ाएगा।
तब केवल एक व्यक्ति आगे नहीं बढ़ेगा, पूरा परिवार आगे बढ़ेगा। पूरा गांव आगे बढ़ेगा और पूरा हरियाणा आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग में आज अपार संभावनाएं छिपी हैं। आज की युवा पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जागरूक है। खादी से बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल दूसरा कोई विकल्प नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के शिक्षित, प्रतिभावान और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं से आह्वान करता हूं कि आप खादी और ग्रामोद्योग के क्षेत्र में नए आइडियाज के साथ आगे आएं। आप खादी की आधुनिक डिजाइनिंग, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग में नए प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि आपके भीतर कुछ नया करने का जुनून है, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी। हमारी सरकार आपको हर संभव वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज का यह खादी रोजगार उत्सव इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार की नीतियां जन-हितकारी हों। जब नेतृत्व दूरदर्शी हो। और जब जनता का परिश्रम साथ जुड़ जाए, तब विकास की गति को कोई नहीं रोक सकता। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि खादी को अपनाएंगे। स्वदेशी को बढ़ावा देंगे। स्थानीय उत्पादों को सम्मान देंगे। रोजगार सृजन के इस अभियान में भागीदार बनेंगे और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047‘ के सपने को साकार करने में अपना योगदान देंगे।
इस मौके पर सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक कपूर वाल्मीकि, विधायक रणधीर पनिहार, विधायक कंवर सिंह यादव, खादी बोर्ड के अध्यक्ष मनोज गोयल, जे सारवान, पूर्व मंत्री जे पी दलाल, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, सिवानी नगर पालिका चेयरपर्सन वंदना केडिया सहित अन्य गणमान् मौजूद रहे।