डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनीपत के संयुक्त तत्वावधान में राई औद्योगिक क्षेत्र, जिला सोनीपत में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कुलपति प्रो. (डॉ.) देविन्द्र सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों तथा उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करना रहा, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर उनका उचित उपयोग कर सके।
कार्यक्रम के दौरान चैतन्य, विधिक सलाहकार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उपस्थित रहे। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को विभिन्न कानूनी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेष रूप से संपत्ति एवं किराया विवाद, पारिवारिक मामले, श्रम संबंधी समस्याएँ तथा अन्य सामान्य कानूनी मुद्दों के समाधान के संबंध में सरल एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आम नागरिक निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं का लाभ उठाकर अपने मामलों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को यह जानकारी दी गई कि किसी भी कानूनी समस्या के समाधान हेतु उचित मंच, प्रक्रिया एवं अधिकारों की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को न्याय तक सुलभ पहुँच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) देविन्द्र सिंह ने कहा कि विधिक जागरूकता शिविर समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समाजोन्मुखी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) आशुतोष मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विधिक साक्षरता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने पर बल दिया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. संजय कुमार, प्रभारी, विधिक सहायता केन्द्र तथा डॉ. पूजा जायसवाल, केंद्र संयोजक, लैंगिक न्याय एवं मानव अधिकार केंद्र के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इसके अतिरिक्त, विधि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस शिविर में अत्यंत उत्साह और रुचि के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने न केवल कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दिया, बल्कि उपस्थित नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें विधिक जागरूकता प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
यह शिविर समाज में विधिक साक्षरता को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।