Sunday, April 12, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
पत्रकारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बन रही एमडब्ल्यूबी, सीएम नायब सिंह सैनी को प्रांतीय कार्यक्रम का न्यौतासीपीआर से किया गया प्रयास किसी को दे सकता है नया जीवनहरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य - मुख्यमंत्रीप्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी दादरी की नई सब्जी मंडी में आयोजित विकसित दादरी रैली में की अनेक घोषणाएँडॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में तुरंत सुधार के दिए निर्देश, 24×7 सेवाएं, निरीक्षण और कमियों के लिए ज़ीरो टॉलरेंसकांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों का हाल देखकर आएं: मुख्यमंत्रीनारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा : आरती सिंह राव
 
Haryana

पत्रकारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच बन रही एमडब्ल्यूबी, सीएम नायब सिंह सैनी को प्रांतीय कार्यक्रम का न्यौता

April 12, 2026 07:36 AM
हरियाणा में पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) एक प्रभावशाली भूमिका निभा रही है। संस्था के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके निवास संत कबीर कुटीर में मुलाकात कर उन्हें आगामी प्रांतीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण सौंपा।धरणी ने यह भी बताया कि कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय व डीजीआईपीआर से भी समय निर्धारण के लिए अनुरोध किया जा चुका है।
 
इस दौरान धरणी ने मुख्यमंत्री को संस्था की प्रमुख उपलब्धियों और पत्रकार हित में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एमडब्ल्यूबी देश की पहली ऐसी संस्था है, जिसने अपने साथ शुरू से जुड़े पत्रकारों को मुफ्त फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराया है। इसके अलावा पत्रकारों के लिए मुफ्त टर्म और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस भी निरंतर जारी है। हाल ही में एक पत्रकार परिवार को 33 लाख रुपये तक का जोखिम कवर दिया गया, जो इस पहल की गंभीरता को दर्शाता है।
 
AI युग के लिए पत्रकारों को तैयार करने की पहल
तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य को देखते हुए एमडब्ल्यूबी ने पत्रकारों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए मेवा सिंह राणा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, जिसमें विनोद लाहोट और पवन चोपड़ा शामिल हैं। यह कमेटी प्रदेश में तीन अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी।
सरकार के फैसले का स्वागत, आगे और सुधार की मांग
एमडब्ल्यूबी ने बजट 2026-27 में “मीडिया पर्सनेल वेलफेयर फंड” के तहत आपात सहायता राशि को 2.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। धरणी ने इसे पत्रकारों के लिए राहत भरा कदम बताया, लेकिन साथ ही कई महत्वपूर्ण सुधारों की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
पेंशन सुधार सबसे बड़ी मांग
एमडब्ल्यूबीए ने सेवानिवृत्ति के बाद पत्रकारों के लिए न्यूनतम 30,000 रुपये मासिक पेंशन की मांग प्रमुखता से उठाई है। वर्तमान पेंशन व्यवस्था को जटिल बताते हुए इसे सरल, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने की अपील की गई है।
15 वर्ष की सक्रिय पत्रकारिता पर पेंशन अधिकार
न्यूनतम आयु सीमा 58 वर्ष
5 वर्ष की अनिवार्य एक्रीडिटेशन शर्त समाप्त करने की मांग
धरणी ने कहा कि इससे डिजिटल और स्वतंत्र पत्रकारों को भी लाभ मिलेगा और कोई योग्य पत्रकार वंचित नहीं रहेगा।
डिजिटल पत्रकारों के लिए नीति में बदलाव जरूरी
संस्था ने सोशल मीडिया नीति को सरल और समावेशी बनाने की मांग की है। वर्तमान में जटिल नियमों के कारण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय पत्रकार अक्सर सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। नीति में बदलाव से युवा पत्रकारों को मान्यता और अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर बड़ा फोकस
एमडब्ल्यूबीए ने पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग की है। राजस्थान मॉडल की तर्ज पर:
10 लाख रुपये तक वार्षिक कैशलेस इलाज
इनडोर और आउटडोर दोनों कवर
इसके साथ ही पत्रकार की मृत्यु पर पारिवारिक पेंशन लागू करने की मांग भी रखी गई है, ताकि परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यात्रा, आवास और आरक्षण की मांग
संस्था ने पत्रकारों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए हैं:
सरकारी बसों में कम से कम दो सीटें आरक्षित
निजी बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा
पंचकूला में मुख्यालय के लिए रियायती भूमि
पत्रकारों के लिए आवासीय योजनाएं
बच्चों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण
धरणी ने कहा कि ये कदम पत्रकारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करेंगे।
संघर्ष से बनी पहचान, अब बड़ी उम्मीदें
धरणी ने बताया कि कोरोना काल में बनी एमडब्ल्यूबी पहले ही कैंसर और किडनी ट्रांसप्लांट जैसे गंभीर मामलों में पत्रकारों की मदद कर चुकी है। संस्था के प्रयासों से पहले भी पेंशन बढ़ोतरी और कई नीतिगत फैसले संभव हुए हैं।
अब उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हरियाणा की पत्रकारिता को नई दिशा देंगे। पत्रकार समुदाय इन सुधारों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
 
 

 

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
सीपीआर से किया गया प्रयास किसी को दे सकता है नया जीवन
हरियाणा स्टार्टअप्स के मामले में 7वां सबसे बड़ा राज्य - मुख्यमंत्री प्रदेश को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चरखी दादरी की नई सब्जी मंडी में आयोजित विकसित दादरी रैली में की अनेक घोषणाएँ डॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में तुरंत सुधार के दिए निर्देश, 24×7 सेवाएं, निरीक्षण और कमियों के लिए ज़ीरो टॉलरेंस कांग्रेस के नेता मंडी में जाने की बजाय कांग्रेस शासित प्रदेशों का हाल देखकर आएं: मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा : आरती सिंह राव जनता की हर आवाज़ का होगा समाधान- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से समाज में आएगा क्रांतिकारी बदलाव -श्रुति चौधरी
पटवार प्रशिक्षण परीक्षा में निकिता यादव ने रचा कीर्तिमान, रेवाड़ी में प्रथम स्थान हासिल