फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में 'मिनी दुनिया' का मनोरम नजारा देखने को मिल रहा है। मेले के अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में पड़ोसी देशों के शिल्पकारों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें भूटान के स्टॉल दर्शकों और खरीदारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस स्टॉल पर भूटान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वहां के कारीगरों की कुशलता देखी जा रही है।
इस स्टॉल पर उपलब्ध हाथ के बुने हुए बैग अपनी बारीक कारीगरी और चटकीले रंगों के कारण महिलाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। ये बैग न केवल टिकाऊ हैं, बल्कि भूटानी परंपरा को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ते हैं। इसके साथ ही लकड़ी और बांस की नक्काशी से तैयार पारंपरिक प्लेट और बर्तन अपनी अनूठी बनावट के लिए कला प्रेमियों को खूब लुभा रहे हैं।
स्टॉल पर घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए हाथ से तैयार किए गए शो - पीस और वॉल हैंगिंग उपलब्ध हैं, जो भूटानी वास्तुकला की एक खूबसूरत बानगी प्रस्तुत करते हैं। स्टॉल की एक और खासियत वहां मिलने वाली हस्तनिर्मित सुगंधित अगरबत्तियां हैं। प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार इन अगरबत्तियों की भीनी - भीनी खुशबू पूरे पवेलियन को महका रही है।
पर्यटकों का मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स
भूटानी स्टॉल की संचालक थिनले कोडन ने बताया कि मेले में पर्यटकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। पयर्टक स्टॉल पर आकर भूटान की संस्कृति और हस्तशिल्प की बारीकियों को जानने में भी गहरी रुचि दिखा रहे हैं और उनके उत्पादों को खरीद रहे हैं।