भाजपा द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से अभियान शुरू करने का निर्णय राजनीतिक पाखंड की पराकाष्ठा है। यह चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े असहज सवालों से देश का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है।*
*जिस पार्टी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया, वह आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। जिस पार्टी को अपने अनुकूल चुनाव आयोग चाहिए, वह आज विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ा रही है। जिस पार्टी के पास कथित ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों का कोई जवाब नहीं है, वह जवाब मांगने वालों को ही अराजकतावादी बता रही है!*
हम यह बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि *चुनाव आयोग से सवाल पूछना अराजकता नहीं है। जवाबदेही की मांग करना अराजकता नहीं है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन अराजकता नहीं हैं। चुनावी अनियमितताओं को उजागर करना और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना अराजकता नहीं है। बल्कि यही लोकतंत्र का वास्तविक सार है!*
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी और श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी संविधान की रक्षा, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव तथा प्रत्येक भारतीय के मौलिक लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
राजनीति से प्रेरित अभियान चलाने के बजाय भाजपा को कुछ सीधे और स्पष्ट सवालों के जवाब देने चाहिए :
1. चुनाव आयोग मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने से क्यों बच रहा है ?
2. ‘वोट चोरी’ और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े गंभीर सवालों को स्वतंत्र जांच के दायरे में लाने के बजाय खारिज क्यों किया जा रहा है ?
3. चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों और चिंताओं के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही क्यों तय नहीं होनी चाहिए ?
4. चुनावी हेराफेरी के आरोपों की स्वतंत्र, व्यापक और पारदर्शी जांच से भाजपा को डर क्यों लगता है ?
5. भाजपा शांतिपूर्ण विपक्षी प्रदर्शनों और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही की मांग को लोकतंत्र के लिए खतरा क्यों मानती है ?
*भाजपा को यह समझना होगा कि लोकतंत्र सत्तारूढ़ दल की निजी संपत्ति नहीं है और न ही चुनाव आयोग भाजपा मुख्यालय का कोई विस्तार है।*
*और भाजपा नेतृत्व हरियाणा को भी याद रखे!*
हरियाणा की जनता वर्ष 2024 के विधानसभा चुनावों और मतदाता सूचियों में हेराफेरी को लेकर श्री राहुल गांधी जी द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों को भूली नहीं है। भाजपा राजनीतिक नौटंकियों, पदयात्राओं और सुनियोजित अभियानों के जरिए इन सवालों को मिटा नहीं सकती।
भाजपा के इस तथाकथित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि *1 नवंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन स्वयं रोहतक में इस अभियान के तहत पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह करनाल में इसी अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।*
यह राजनीतिक पाखंड और भी स्पष्ट करता है तथा कई बुनियादी सवाल खड़े करता है। जिस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व स्वयं हरियाणा में इस अभियान का नेतृत्व करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए उतर रहा है, उसे देश की जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आयोजित इन कार्यक्रमों का वास्तविक उद्देश्य क्या है ? क्या लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक नारों और पदयात्राओं से होगी, या इसके लिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनता के मताधिकार की वास्तविक सुरक्षा भी आवश्यक है ?
*भाजपा नेतृत्व को इन सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों को ही कटघरे में खड़ा करना चाहिए।*
हरियाणा के AICC प्रभारी एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में हम एक बार फिर स्पष्ट करना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी न तो ऐसी ध्यान भटकाने वाली रणनीतियों से भयभीत होगी और न ही विपक्ष को बदनाम करने के प्रयासों के आगे चुप बैठेगी।
*1 नवंबर को*, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन रोहतक में अपने अभियान का नेतृत्व करेंगे, वहीं कांग्रेस पार्टी चुनावी जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की अपनी लड़ाई को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल *‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली* के माध्यम से जनता के बीच लेकर जाएगी।
*हमारा संदेश स्पष्ट और दोटूक है :*
- संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग से लोकतंत्र को बचाओ।
- चुनावी हेराफेरी से चुनाव प्रक्रिया को बचाओ।
- ‘वोट चोरी’ से जनता के जनादेश को बचाओ।
- अधिनायकवादी प्रवृत्तियों से संविधान को बचाओ।
- दोषियों की जवाबदेही तय करो।
*लोकतंत्र के लिए वास्तविक खतरा जवाब मांगने वाला विपक्ष नहीं, बल्कि वह सत्तारूढ़ व्यवस्था है जो सवालों का जवाब देने से इनकार करती है!*
भाजपा नारे गढ़ सकती है, रैलियां निकाल सकती है और दुष्प्रचार अभियान चला सकती है, लेकिन वह जनता की आवाज और भारत के संविधान एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी के संकल्प को दबा नहीं सकती।
*लोकतंत्र भाजपा के प्रचार से नहीं, बल्कि देश की जनता की सामूहिक शक्ति से बचेगा!*
*वोट बचाओ, देश बचाओ! जय हिंद!*
*संजय दत्त*
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी, हरियाणा
*राव नरेंद्र सिंह*
अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी