सीएम ने तीसरी बार बनी सरकार के 2 साल पूरे होने पर सीएम ने रिपोर्ट कार्ड रखा है
प्रदेश में आज किसानों की समस्या एक बड़ा मुद्दा है
कृषि प्रधान देश किसानों पर अन्याय होने से आगे नही बढ़ सकता है
मंडियों में किसानों की फसल की खराब हालत है
मंडियों में उठान नही हो रहा है मिलर्स कम हो चुके है
जस्सी पेटवाड़ ने कहा सरकार ने खरीद 29 सितंबर से शुरू की लेकिन मंडियों में आढ़ती औऱ मिलर्स ही तब खरीद नही कर रहे थे
मिलर्स को 67 किलो चावल एक क्विंटल के बदले देना होता है लेकिन उतनी चावल नही निकलती इसलिए आढ़ती और किसान दोनों ही इसका नुकसान उठाते है
जस्सी पेटवाड़ ने कहा मिलर्स से 1 क्विंटल के बदले 58-59 किलो अगर चावल लिया जाएगा तो आढ़ती औऱ किसान दोनों को राहत मिलेगी
मंडियों में जो धान खरीद में लुटा जा रहा है वो नमी के नाम पर लुटा गया है
सरकार धान 17 फीसदी नमी का धान खरीदती है लेकिन उसको 20 फीसदी नमी तक खरीदा जाना चाहिए-- जस्सी पेटवाड़
जस्सी पेटवाड़ ने कहा बीते विधानसभा सत्र में किसानों को मुआवजा देने की मांग की थी
सरकार में सीएम की भले ही नही चले लेकीन पोर्टल की जरूर चलती है
जस्सी पेटवाड़ ने कहा नारनौंद के खेड़ी चौपटा के एक किसान ने लगाया हुआ बाजरा है जबकि पोर्टल नरमें की फसल दिखा रहा है
जस्सी पेटवाड़ ने कहा नारनौंद के कापड़ों गांव के एक किसान को एक एकड़ में 97 मन धान की पैदावार हुई जबकि सरकार 21.30 क्विंटल यानि 52 मन धान प्रदेश सरकार प्रति क्विंटल खरीद रही है
सरकार ने आदेश जारी किया है एसडीएम और तहसीलदार से वेरिफाई करवाएगा तो एक एकड़ में ज्यादा पैदावार है उसकी खरीद होगी
सरकार औए सीएम बताएं किसानों पर इस तरह की शर्तें क्यों लगाई जा रही है
बीजेपी ने चुनाव में वायदा किया 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदेंगे जबकि आज 2461 रुपये में भी नहीं खरीदा जा रहा है-- जस्सी पेटवाड़
सीएम ने चुनाव में कई जनसभा में 3100 रुपये एमएसपी धान का देने की बात कही थी-- जस्सी पेटवाड़
जस्सी पेटवाड़ ने कहा सरकार नमी के नाम पर किसानों को लूट रही है इस नमी के क्राइटेरिया को 17 से बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाना चाहिए
हरियाणा में हजारों किसान वेरिफिकेशन के नाम पर धक्के खा रहा है-- जस्सी पेटवाड़
हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब सीएम थे तब गेहूं का समर्थन मूल्य 250 रुपये केंद्र ने बढ़ाए और हरियाणा सरकार ने 100 रुपये उस पर बोनस दिया था
हुड्डा के राज में जीरी गई जहाज में नारा था उस वक्त 4500 रुपये प्रति क्विंटल धान बिकी थी-- जस्सी पेटवाड़
पूरे देश मे ऐसी सरकार कभी नही आई जिसको ये पता है किसान की आमदनी कितनी है लेकिन उसका ख़र्च कितना है ये जानकारी नही है-- जस्सी पेटवाड़