हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहन लाल कौशिक ने कहा कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में किसान एवं कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसानों से जुड़े प्रत्येक विषय को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ लिया जाना आवश्यक है।
श्री कौशिक आज हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में विभिन्न बोर्ड, कारपोरेशन एवं निगमों के चेयरमैन तथा अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
*प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर*
श्री कौशिक ने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाए। इसके लिए बड़े फार्मिंग क्षेत्र में किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्जियों के बीज के स्थान पर पौधे उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को बेहतर किस्म की सब्जियों की पौध आसानी से उपलब्ध हो सके। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का रुझान किचन गार्डन की ओर भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने तथा बोर्ड, कारपोरेशन एवं निगमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया जाए। किसानों को बेहतर व्यवस्था एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को आपसी समन्वय के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करना चाहिए।
*किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाने और नकली बीजों पर लगेगा अंकुश*
श्री मोहन लाल कौशिक ने कहा कि किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में किसानों को समय पर प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा नकली एवं घटिया बीजों की बिक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके।
*हिसार व गुरुग्राम में ऑर्गेनिक बीजों की नई लैब स्थापित करने की दिशा में होगा कार्य*
उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हिसार और गुरुग्राम जिलों में ऑर्गेनिक बीजों से संबंधित नई लैब स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इन लैब के माध्यम से ऑर्गेनिक बीजों की गुणवत्ता की जांच एवं प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज सुलभ हो सकेंगे और प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाकर कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जाना चाहिए।
*मोरनी में 4,000 एकड़ क्षेत्र में ओलिव प्लांटेशन की किसानों की मांग पर होगा गंभीरता से विचार*
श्री कौशिक ने मोरनी ब्लॉक में किसानों द्वारा ओलिव प्लांटेशन के लिए की गई मांग का भी संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि मोरनी क्षेत्र में लगभग 4,000 एकड़ भूमि पर ओलिव के पौधे लगाने की किसानों की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए संबंधित विभाग किसानों की मांग, क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों तथा उपलब्ध संभावनाओं का अध्ययन कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में विविधीकरण को प्रोत्साहित करने वाली संभावनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान हितैषी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा अपने-अपने निगम एवं बोर्ड के कार्यों की प्रगति, विकास गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक में कृषि, सहकारिता, ग्रामीण विकास, हरियाणा बीज विकास निगम, हरियाणा भंडारण निगम, कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा एग्रो कॉरपोरेशन, माटी कला बोर्ड तथा पशुधन विकास बोर्ड के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।