हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने आज राज्य के गुरूग्राम-नूंह में बिजली वितरण को लेकर देने वाले सामानंतर लाईसेंस के संबंध में स्पष्ट किया कि सामानतंर लाईसेंस को लेकर राज्य सरकार ने पहले भी विरोध किया है और अब एक्सपर्ट कमेटी रिपोर्ट आ गई है, और हम अब भी विरोध कर रहे हैं और विरोध करेंगें। श्री विज ने यह भी कहा कि इस मामले में यदि उच्चतर अदालतों/कोर्टों में जाना पडेगा तो हम/सरकार वहां भी जाएगी।
श्री विज आज यहां बिजली विभाग से संबंधित लगाए गए एक प्रश्न के संबंध में उठाए गए सामानतंर बिजली वितरण लाईसेंस मुददे पर सरकार का रूख स्पष्ट कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग केन्द्र सरकार के कानून के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है। यह आयोग बिजली वितरण के संबंध में लाईसेंस दे सकता है। आयोग ने इस संबंध में राज्य सरकार से उत्तर मांगा तो मैंने और मेरे पूरे स्टाफ ने हर बिन्दू पर विरोध किया है। श्री विज ने यह भी बताया कि इस बारे में एक ओपन इयरिंग भी रखी गई थी जिसमें विभिन्न हितधारक शामिल हुए और सरकार ने भी अपना रूख व्यक्त करते हुए सामानांतर लाईसेंस देने का विरोध किया। इसके बाद, आयोग ने एक तीन सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया और कमेटी ने यह सिफारिश की कि बिजली वितरण किया जा सकता है।
श्री विज ने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट आने पर सरकार/हमने उसके प्रत्येक बिन्दू पर विरोध किया है और सरकार ने अपना जवाब भेजा है। उन्होंने बताया कि आगामी 3 सितंबर को इस मामले में की सुनवाई होनी है इसलिए वे चाहते हैं कि इस एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को पब्लिक कर दिया जाए ताकि संबंधित हितधारक भी इस बारे में अपनी राय रख सकें।