हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेशवासियों से 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कम से कम दो पौधे लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पौधे भावी पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार हैं और प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि पेड़ मानव जीवन के लिए फेफड़ों की तरह कार्य करते हैं क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य और पेड़ों का रिश्ता जन्म से मृत्यु तक बना रहता है। जीवनभर पेड़ हमें ऑक्सीजन, भोजन और छाया देते हैं तथा मृत्यु के बाद भी विभिन्न रूपों में मानव के काम आते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूरे हरियाणा में हरित विकास की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी और लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम-2’ अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि इस वर्ष 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष एक ही माह में पड़ रहे हैं। इसे यादगार बनाने के लिए लोगों को 12 नए स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जुलाई माह में हर वर्ष वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लोगों को मानसून के दौरान पौधारोपण कर इसे कम से कम 5 वर्ष तक की रक्षा करनी चाहिए, जब तक की ये जड़ पकड़कर पेड़ का रुप ना लें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड का बजटीय प्रावधान भी किया है। यह फंड शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा अब केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि हरित और सतत विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।