हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान आज दो विधेयक चर्चा उपरांत पारित किए गए। पारित किए गए विधेयकों में हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक, 2026 तथा हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक,2026 शामिल हैं।
हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक, 2026
हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 को संशोधित करने के लिए हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया गया।
हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 अधिनियम 16 जनवरी, 2025 को अधिसूचित किया गया था। इस अधिनियम में, सेवा की सुनिश्चितता का लाभ उन पात्र विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक को मिलेगा, जिन्होंने 15 अगस्त, 2024 को या उससे पहले पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम की धारा-3 की व्याख्या में कैलेंडर वर्ष के बजाय एक वर्ष की संविदा सेवा की अवधि के दौरान 240 दिनों की गिनती के संबंध में संशोधन का अनुरोध किया है।
यह देखा गया है कि पात्र विस्तार प्राध्यापक की परिभाषा के संबंध में धारा-2 के खंड (ग) में भी संशोधन की आवश्यकता है, जिसके तहत पात्रता प्राप्त करने की तारीख 30 जून, 2023 से बढ़ाकर 21 जुलाई, 2025 कर दी गई है। ऐसे पात्र विस्तार प्राध्यापक तथा पात्र अतिथि प्राध्यापक को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते के लाभ के संबंध में अधिनियम की धारा-4 में भी संशोधन की आवश्यकता है। इसके अलावा, हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम में वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रावधान करने का भी अनुरोध किया गया है। इसलिए, यह उचित होगा कि धारा-4 संशोधित करने के लिए पात्र विस्तार प्राध्यापक तथा पात्र अतिथि प्राध्यापक, 57,700 रुपए का समेकित मासिक पारिश्रमिक प्राप्त करने का हकदार होगा, मंहगाई भत्ते में वृद्धि के अनुरूप प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई के प्रथम दिन से मासिक पारिश्रमिक में वृद्धि की जाएगी और सरकार, अधिनियम के प्रारंभ की तिथि से प्रथम वर्ष के समापन पर और उसके बाद प्रतिवर्ष समेकित मासिक पारिश्रमिक पर वेतन वृद्धि अधिसूचित कर सकती है। इसके अलावा, मूल अधिनियम की धारा-4 के लिए अनुसूची में अनुग्रह अनुकंपा वित्तीय सहायता या अनुकंपा नियुक्ति के लाभ के संबंध में भी संशोधन की आवश्यकता थी । इसलिए हरियाणा विस्तार प्राध्यापक एसोसिएशन द्वारा दिए गए अनुरोध पर ध्यान देते हुए हरियाणा विस्तार प्राध्यापक तथा अतिथि प्राध्यापक (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024' में बताए गए संशोधन किए गए ।
हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक,2026
हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2025 को संशोधित करने के लिए हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक,2026 पास किया गया।
भारत सरकार, विदेश मंत्रालय ने सूचित किया है कि हाल ही में लागू किए गए ’’हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2025’’ जिसका उद्देश्य राज्य में काम करने वाले ट्रैवल एजेंटों को विनियमित करना है तथा इसके प्रावधानों में कुछ ऐसे प्रावधान हैं जो विदेश में रोजगार हेतु भारतीय नागरिकों के प्रवास को नियंत्रित करने वाले उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के साथ असंगत प्रतीत होते हैं। कुछ प्रावधान, विशेष रूप से ट्रैवल एजेंटों के कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रावधान, उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के प्रावधानों से मेल नहीं खाते हैं। ट्रैवल एजेंट उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के प्रावधानों, जिनमें उत् प्रवासियों के महारक्षक (पी.जी.ई.) के साथ अनिवार्य पंजीकरण भी शामिल है, का उल्लंघन करने के लिए इस अधिनियम के कुछ प्रावधानों का दुरुपयोग कर सकते हैं। उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के प्रावधानों के उल्लंघन से बचने और बेईमान एजेंटों द्वारा विदेशों में भारतीय नागरिकों की अवैध भर्ती गतिविधियों के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारें सुरक्षित और कानूनी प्रवासन सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत ढांचा प्रदान करने हेतु समन्वय से कार्य करें।
हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 नामक विधेयक का उद्देश्य हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2025 में संशोधन करके विसंगतियों को दूर करना और हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2025 तथा उत्प्रवासन अधिनियम, 1983 के प्रावधानों में सामंजस्य स्थापित करना है, ताकि भर्ती एजेंटों को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे को मजबूत किया जा सके।