हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विपक्ष द्वारा हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात बताना केवल राजनीति से प्रेरित एक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश है। आयुष्मान भारत योजना के तहत भुगतान में अनियमितताओं तथा निजी अस्पतालों द्वारा इलाज रोकने के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार, तथ्यात्मक रूप से गलत और सच्चाई से कोसों दूर हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्ष द्वारा आयुष्मान भारत योजना को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 दिसंबर 2018 को की गई थी। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 2694 उपचार पैकेज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 21 नवंबर 2022 को चिरायु योजना की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से आयुष्मान भारत के लाभ उन अंत्योदय परिवारों तक भी पहुंचाए गए जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। इस योजना के तहत भी प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023-24 में आयुष्मान भारत चिरायु योजना का दायरा और बढ़ाया गया और 1.80 लाख से 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 70 साल के बुजुर्गों का ख्याल रखते हुए उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत शिकायत निवारण की मजबूत व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर 14555 नंबर पर 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि 22 जनवरी 2026 तक हरियाणा में 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं। फरवरी 2026 में 21 फरवरी तक केवल निजी अस्पतालों से ही 33,911 प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में अस्पतालों ने उपचार बंद कर दिया होता तो इतने बड़े पैमाने पर प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त होना संभव नहीं होता।
इसी प्रकार वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सूचीबद्ध निजी अस्पतालों द्वारा कुल 5,91,863 क्लेम प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि भुगतान से संबंधित मुद्दे को लेकर भी कुछ भ्रांतियां फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कांग्रेस के समय में 700 डॉक्टर मिलते थे, जबकि आज 3,200 डॉक्टर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा कुल 1,236 करोड़ रुपये के क्लेम प्रस्तुत किए गए, जिनमें से लगभग 1,100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो कि करीब 89 प्रतिशत क्लेम निपटान को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों के दौरान ही सूचीबद्ध अस्पतालों को लगभग 250 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान चिरायु योजना के तहत प्रदेश में 27,42,306 लोगों के इलाज के लिए 3,862 करोड़ 36 लाख रुपये के क्लेम दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों के दौरान किसी भी लाभार्थी द्वारा इस आधार पर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई कि अस्पताल ने आयुष्मान योजना के तहत भुगतान न मिलने के कारण उपचार करने से इनकार किया हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लाभार्थियों को कोई समस्या नहीं है तो विपक्ष को हेल्थ इमरजेंसी कहां दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इस प्रकार के आरोप लगाना न केवल मनगढ़ंत है बल्कि लाखों डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के समर्पित कार्य का भी अपमान है।