हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बजट सत्र के दौरान श्री राम कुमार कश्यप द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ प्रस्ताव पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त बनाने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक ने इस योजना की सराहना की है और हरियाणा के श्रमिकों ने भी इसका खुले दिल से स्वागत किया है। पंचकूला में हजारों श्रमिकों द्वारा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को कुदाल और तसला भेंट कर सम्मानित करना इसी विश्वास और आभार का प्रतीक है।
श्री पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और श्रमिक हितैषी बनाया गया है। अब 60:40 के नए अनुपात में मेटेरियल मद में 60 प्रतिशत केंद्र तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार का योगदान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के हित पूर्णतः सुरक्षित हैं और अब कार्यों की स्वीकृति ग्राम सभा के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होगी, जिससे पूरे गांव को विकास कार्यों की जानकारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण आवास, आजीविका संवर्धन, जलवायु संबंधी कार्यों सहित अनेक विकास गतिविधियों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायतों को तीन श्रेणियों में विभाजित कर इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि औसत ग्राम पंचायतों को अधिक संसाधन मिल सकें और अधिकतम लोगों को इसका लाभ मिले। जिन पंचायतों के पास संसाधन या जानकारी का अभाव था, उन्हें भी सुदृढ़ बनाने की दिशा में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि पहले मजदूरी भुगतान में 15 दिन तक का विलंब होता था, जिसे घटाकर अब साप्ताहिक भुगतान की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रमिकों को समय पर उनकी मेहनताना राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पूरे देश में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7,000 रुपये से अधिक की वृद्धि होगी, जबकि हरियाणा में यह लाभ न्यूनतम 10,000 रुपये प्रतिवर्ष तक होगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी दर देश में सर्वाधिक है और वर्तमान में राज्य में 400 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी जा रही है।
श्री पंवार ने कहा कि इस कानून के माध्यम से डिजिटल गवर्नेंस को कानूनी स्वरूप दिया गया है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, आधार आधारित भुगतान, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रियल-टाइम डैशबोर्ड तथा साप्ताहिक सार्वजनिक सूचना जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। साथ ही ग्राम पंचायतों की योजनाओं को प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, जिससे गांवों का विकास राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हो सके।
श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ किसी के अधिकार छीनने की नहीं, बल्कि वास्तविक हकदार को उसका अधिकार दिलाने की योजना है। यह उन श्रमिकों के लिए न्याय है, जिन्हें वर्षों तक व्यवस्था ने उपेक्षित रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकसित भारत का संकल्प अब केवल नारा नहीं, बल्कि सशक्त नीति और कानून के रूप में धरातल पर उतर चुका है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रमिक वर्ग का भविष्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सुरक्षित और उज्ज्वल है।