हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को अलग-अलग विभागों के बजट खर्च और जरूरी विभागीय स्कीमों की प्रगति को लेकर एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग में संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रषासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए, अधिकारियों को राज्य में खेती के पंपों को सोलर आधारित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना को समय पर लागू किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सोलर पंपों से पैदा होने वाली सरप्लस बिजली को सरकारी ग्रिड में वापस भेजा जाना चाहिए, ताकि इसका सदुपयोग हो सके। उन्होंने अधिकारियों को राज्य की सभी सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि बस स्टैंड, हैफेड गोदाम और दूसरे सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर के माध्यम से नवीनीकरण ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने पर विषेष बल दिया है।
मीटिंग के दौरान, अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 5,000 सरकारी इमारतों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी जिलों के उपायुक्त इस स्कीम को लागू करने में तेजी लाएंगें और तत्परता से इसकी निगरानी करेंगे।
परिवहन विभाग की स्कीमों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खराब हालत वाले बस स्टैंड की पहचान करने और उनकी मरम्मत एवं रखरखाव करने के निर्देश दिये। कनीना, बरवाला, टोहाना और निग्धू में बस स्टैंड कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि बादली, नीलोखेड़ी, बहल और दूसरे स्थानों पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य भर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और इको-फ्रेंडली पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने तथा कार्बन ईमिशन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया।
उद्योग विभाग की स्कीमों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एमएमएमई के तहत छोटे उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने के निर्देश दिये। उन्होंने ऐसी पॉलिसी बनाने की जरूरत पर बल दिया जो खासकर महिलाओं और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दें, ताकि इनक्लूसिव इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा दिया जा सके।
पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खैर के पेड़ों की गैर-कानूनी कटाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने जंगलों की कटाई को रोकने, हरित क्षेत्र बढ़ाने और राज्य भर में पेड़ों की सही मार्किंग करने के लिए तत्परता से कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने अरावली क्षेत्र में कंजर्वेशन की जरूरत पर भी बल दिया।
विदेष सहयोग विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एनआरआई डायस्पोरा के साथ सीधा मजबूत जुड़ाव बनाने और जहाँ भी जरूरत हो, मदद देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विदेश में पढ़ने या काम करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को विदेषी भाषा सिखाने के कार्यक्रम भी चलाएं जाएं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान हरियाणा की आर्थिक रीढ़ है और किसानों की आय और उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्व है। उन्होंने निर्देश दिये कि और ज्यादा से ज्यादा ‘हर हित स्टोर’ सीएम पेक्सस खोले जाएं और स्वयं सहायता समूहों को सौंपे जाएं ताकि महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो को रोजगार के बेहतर अवसर सुलभ हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दालों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए और दालों की खेती करने वाले किसानों को बढ़ावा देने के लिए एक विषेष नीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हरियाणा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुसार दालों के उत्पादन में ‘आत्मनिर्भरता’ की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए किसानों को ऑर्गेनिक खेती के तरीके अपनाने के लिए सहयोग और बढ़ावा देने के लिए भी विषेष स्कीम बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों के बजट खर्च और स्कीमों की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री. श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।