39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव - 2026 के भव्य शुभारंभ के अवसर पर सूरजकुंड की मुख्य चौपाल उस समय खास मिठास से भर गई, जब मंच पर गोहाना की विश्व प्रसिद्ध जलेबियों पर अनूठा संवाद देखने को मिला।
हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा स्वयं गोहाना की ताजा जलेबियां लेकर मंच पर पहुंचे और भारत के महामहिम उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, इजिप्ट के एम्बेसडर कामिल जायद गलाल, डिप्टी एम्बेसडर दालिया तांतवे सहित देश-विदेश से आए विशिष्ट अतिथियों को जलेबी खिलाकर हरियाणा की लोक-संस्कृति और स्वाद की पहचान से रूबरू कराया। जलेबी का स्वाद चखते ही मंच पर मुस्कान और आत्मीयता का माहौल बन गया। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने जलेबी की तारीफ करते हुए कहा, यह सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
वहीं मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हंसते हुए कहा, गोहाना की जलेबी का स्वाद आज भी वही है, जो इसे पूरे देश में खास बनाता है। डॉ. अरविंद शर्मा ने मंच से संवाद करते हुए कहा कि गोहाना की जलेबी हरियाणा की पहचान बन चुकी है और यह स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों और पारंपरिक हुनर की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा, सूरजकुंड शिल्प मेला ‘लोकल टू ग्लोबल - आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को साकार करता है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव का थीम लोकल टू ग्लोबल - आत्मनिर्भर भारत की पहचान रखा गया है, जिसमें देश-विदेश के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। गोहाना की जलेबियों की मिठास ने इस थीम को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत कर दिया।