हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की हैं कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के जो लोग 20 साल से एक स्थान पर निवास कर रहे है, उन्हें मालिकाना हक देने के लिए पॉलिसी बनाकर रियायत दी जाएगी। इसके अलावा एससी कम्पोनेंट प्लान के पैसों को एससी समाज के लिए ही प्रयोग करने के लिए सत्र में प्रावधान लाकर लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को कुरुक्षेत्र के उमरी में हरियाणा सरकार की संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बीच कार्यक्रम संयोजक एवं प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार द्वारा रखी गई मांगों पर बोलते हुए कहा कि औद्योगिक व व्यावसायिक प्रयोग के लिए एचएसआईआईडीसी में पॉलिसी बनाकर छूट का प्रावधान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति की नौकरियों की क्लास ए व बी में पदोन्नति व क्रीमीलेयर के मापदंडों को 31 मार्च 2026 तक निर्धारित किया जाना है, इसके लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, उन सुझावों के आधार पर मांग को पूरा किए जाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचने पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन भी किया। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद संत समाज से भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आर्शीवाद लिया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को नमन करते हुए कहा कि गुरु रविदास का व्यक्तित्व पूर्णिमा के चन्द्रमा की तरह शीतल एवं उज्ज्वल था। उनकी वाणी, उनके आदर्श और उनकी शिक्षाएं अजर-अमर हैं। वे केवल अपने युग के संत नहीं थे, बल्कि हर युग के लिए मानवता के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने अपनी काव्य रचनाओं में सरल और व्यावहारिक भाषा का प्रयोग करके आमजन तक अपने विचार पहुंचाए। उन्होंने भक्ति आंदोलन से समाज सुधार करने का साहसिक और ऐतिहासिक काम किया, जिससे उस समय जाति-पाति, अंधविश्वास और ऊंच-नीच में उलझे समाज में एक नई जागृति आई। संत रविदास जी किसी एक जाति या सम्प्रदाय के गुरु नहीं थे। वे पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक थे।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी की समानता व सामाजिक न्याय की परिकल्पना कितनी प्रगतिशील है। वे ऐसा राज्य चाहते थे, जहां सभी को भर पेट अन्न मिले और छोटे-बड़े का कोई भेद न हो। मानव होने के नाते सभी बराबर हों, सभी का जीवन खुशमय व समृद्ध हो और सभी को विकास के समान अवसर मिलें। उनके इसी संदेश को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के महामंत्र में पिरोया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी जैसे संत-महात्माओं,ऋषि-मुनियों,पीर-पैगम्बरों और गुरुओं ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को सम्भालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। प्रदेश सरकार ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। इस योजना के तहत संत-महापुरुषों की जयंती को राज्य स्तर पर मनाया जाता है। यह राज्य स्तरीय समारोह भी इसी कड़ी में आयोजित किया गया है।
प्रदेश सरकार अंत्योदय के लिए वचनबद्ध हैं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार गुरु रविदास जी के समानता, समरसता व सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का अनुकरण करते हुए अंत्योदय के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने इस दौरान मंच से सबसे अनुरोध करते हुए कहा कि अपने बच्चों को शिक्षित करें तथा जात-पात, ऊंच-नीच और साम्प्रदायिकता के भेदभाव को खत्म करने तथा प्रदेश के विकास के लिए मिलकर काम करें। यहीं, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं और उनका संदेश आज भी हमारे लिए उतने ही उपयोगी हैं, जितने उनके समय में थे। हम उनसे अब भी मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। इसी के अनुरूप सरकार ने हरियाणा में ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति का उदार हो,समाज के हर वर्ग का उत्थान हो। सरकार ने अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए “हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग” का गठन किया है। साथ ही अनुसूचित जातियों को प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गरीब के सिर पर अपनी छत हो, यह सपना पूरा करने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 56 हजार मकान दिए गए हैं। साथ ही ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत शहरों व गांवों में 27 हजार से अधिक गरीब परिवारों को प्लॉट दिए हैं। गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी अमीरी और गरीबी देखकर नहीं आती। इसलिए प्रदेश सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रहेगा। ‘आयुष्मान भारत-चिरायु योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। अब तक 27 लाख लोगों का इलाज करवाया गया है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, गंभीर बीमारियों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों को ‘डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ के तहत मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा के लिए कक्षा अनुसार 8 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। साथ ही अनुसूचित जाति के उन छात्र व छात्राओं, जिनकी पारिवारिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक है, को विभिन्न उच्च प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतु निजी संस्थाओं के माध्यम से दो बार तक मुफ्त कोचिंग दिलवाई जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के पोस्ट मैट्रिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों को 2 हजार 500 रुपये से लेकर 13 हजार 500 रुपये प्रति वर्ष तक शैक्षणिक भत्ता दिया जाता है। इसके अलावा सभी अनिवार्य नॉन रिफंडेबल फीसों का भुगतान भी किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के नौवीं व दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अलावा, सफाई तथा जोखिम वाले व्यवसायों में लगे लोगों के बच्चों को डे-स्कॉलर पहली से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये और छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 8 हजार रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। सरकार ने बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिये जाते हैं। अब तक तीन किस्तों में 8 लाख 63 हजार से अधिक बहन-बेटियों को 441 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
124 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है धाम
कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि में 124 करोड़ रुपए से गुरु रविदास धाम का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने प्रथम चरण में 90 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर जारी किए हैं।
गुरु रविदास जी संत होने के साथ ही एक समाज सुधारक और विचारक थे : मनोहर लाल
कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरु रविदास जी संत तो थे ही, इसके साथ ही एक समाज सुधारक और विचारक भी रहे। संत रविदास का 15वीं शताब्दी में वाराणसी में जन्म हुआ था। अब वाराणसी में पूर्णिमा को मेले का आयोजन किया जाता है और दूर दराज से लोग वहां पर जाते हैं। यह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बहुत शिक्षाएं दी है, शिक्षाएं प्रासंगिक है। वह समय का पालन करते थे और वचनों के पक्के थे। उनका कहना था कि जान जाए पर वचन ना जाए।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जो नागरिक रविदास जी के संस्कारों व शिक्षाओं को मानते हैं, वो जाति से बाहर निकलें। रविदास के संस्कारों में दृढ़ता थी, वह जाति पाति में विश्वास नहीं रखते थे। उनकी शिक्षाओं में प्रचलित है। समाज के अंदर अच्छा व्यक्ति किसी भी जाति का हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति हमेशा संस्कारों और अपने अच्छे विचारों से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संतों की शिक्षाओं पर चलते हुए बिना खर्ची पर्ची के नौकरियां दी गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के लिए योजनाएं तैयार की हैं और आगे भी प्रत्येक वर्ग के लिए योजनाओं को तैयार किया जाएगा। परिवार पहचान पत्र के तहत घर-घर तक सभी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू किया है।
समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश आज भी प्रासंगिक: मंत्री कृष्ण लाल पंवार
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी द्वारा समाज को समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया गया, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने इस दौरान 5 एकड़ भूमि में बनाएं जा रहे संत गुरु रविदास जी धाम के निर्माण हेतु 90 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। श्री पंवार ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह गुरु रविदास जी की विचारधारा और उनके अनुयायियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर एक मांग-पत्र भी पढ़कर सुनाया और विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार संत गुरु रविदास जी के आदर्शों पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
सामाजिक समरसता के संदेश को साकार करने की दिशा मे काम कर रही सरकार: मोहन लाल कौशिक
बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए समावेशी और जनहितकारी नीतियों के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को साकार करने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गुरु रविदास जी धाम के निर्माण को लेकर शुरू किए गए कार्यों की सराहना की। श्री कौशिक ने कहा कि सरकार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए जो कार्य किए हैं, उन्हीं का परिणाम है कि प्रदेश की जनता ने लगातार तीसरी बार भारी बहुमत देकर भाजपा सरकार को सेवा करने का अवसर प्रदान किया है।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, श्री कृष्ण बेदी, सांसद श्री नवीन जिंदल, सांसद श्री सुभाष बराला, चीफ व्हिप एवं विधायक श्री रामकुमार कश्यप, विधायक श्री भगवान दास कबीरपंथी, विधायक श्री पवन खरखौदा, विधायक श्री कृष्ण कुमार, विधायक श्री धनश्याम अरोड़ा, अनुसूचित समाज के प्रदेशाध्यक्ष सत्य प्रकाश, पूर्व मंत्री श्री कंवर पाल, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, पूर्व मंत्री बनवारी लाल, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व सांसद ईश्वर सिंह भी सहित काफी गणमान्य भी मौजूद थे।