Thursday, September 24, 2026
Follow us on
BREAKING NEWS
महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप में स्वर्ण पदक जीत भारत के ताज में और सितारे लगा दिए हैं - ऊर्जा मंत्री अनिल विजहरियाणा में सरपट दौड़ी सुधारों की ट्रेन , 8 प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू, 14 अन्य सुधार अगले माह तक होंगे लागूहरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर मुख्यमंत्री ने शहीद राव तुलाराम को किए श्रद्धा सुमन अर्पितपानीपत के डाडोला में 53 लाख रुपए से बनेगा भव्य अंबेडकर भवन, गांव के विकास को मिलेगी नई रफ्तारएनएचएम के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत अंतर-जिला पुनर्नियोजन के संबंध में नई दिशा-निर्देश जारीकेएमपी एक्सप्रेसवे व 152 डी विकसित भारत-2047 की बनेंगे शान: राव नरबीर सिंह किसान की लागत घटे और आय बढ़े, वही तकनीक असली इनोवेशन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनीअमर शहीद राव तुलाराम के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह
Haryana

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव में की शिरकत

October 28, 2024 03:16 PM

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का रत्नावली महोत्सव प्रदेश के गीत संगीत, कला, संस्कृति को लेकर युवा पीढ़ी को जोड़ने का एक अद्भुत संगम है। हरियाणा प्रदेश सदैव शाश्वत ज्ञान परम्परा, सम्पन्नता और योद्धाओं की वीरता का प्रमुख केन्द्र रहा है। वैदिक काल से ही इस प्रदेश की सांस्कृतिक सम्पन्नता के साक्ष्य उपलब्ध हैं। इस वैदिक काल की संस्कृति और संस्कारों को रत्नावली महोत्सव सहेजने का काम कर रहा है। हरियाणा की सांस्कृतिक विकास यात्रा में इस उत्सव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

 

मुख्यमंत्री आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित  चार दिवसीय राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शिल्प मेले का भी अवलोकन किया।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली सहित सभी त्योहारों की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा  कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, कौशल विकास, खेल, कला, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। देश में ऐसे कम ही विश्वविद्यालय हैं जो शिक्षा के साथ-साथ अपने क्षेत्र व देश की संस्कृति को सहेजने का काम कर रहे हैं। रत्नावली महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अनूठा प्रयास है। पिछले 37 वर्षों से इस विश्वविद्यालय में रत्नावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के गीत-संगीत, कला-संस्कृति को लेकर युवा पीढ़ी को जोड़ने का यह अद्भुत प्रयास है। हरियाणा की सांस्कृतिक विकास यात्रा में इस उत्सव की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव में हर वर्ष नई विधाओं से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणवी लोक संस्कृति को पुनर्जीवित करने व युवा विद्यार्थियों में अपनी महान विरासत पर गर्व का भाव जगाने में रत्नावली महोत्सव अपनी सार्थक भूमिका निभा रहा है। साहित्य-संगीत व कला का यह अद्भुत संगम है।

 

34 विधाओं में 3 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं दिखा रहे हैं अपनी प्रतिभा

 

इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्यमंत्री व अन्य मेहमानों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्ष 1985 में 8 विधाओं और 300 कलाकारों से रत्नावली महोत्सव का आगाज हुआ था। आज इस महोत्सव के मंच पर 34 विधाओं में 3000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का हुनर दिखा रहे हैं। यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है। यह विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला सरकारी विश्वविद्यालय है जिसका ए-प्लस-प्लस ग्रेड है। यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, खेलों में देश में तीसरे स्थान पर, सांस्कृतिक गतिविधियों में 1100 विश्वविद्यालयों में तीसरे स्थान पर और 500 राजकीय विश्वविद्यालयों में पहले स्थान पर है।

 

इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा, उपायुक्त श्री राजेश जोगपाल, पद्मश्री महावीर गुड्डू सहित शिक्षक, कलाकार व विद्यार्थी मौजूद थे।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप में स्वर्ण पदक जीत भारत के ताज में और सितारे लगा दिए हैं - ऊर्जा मंत्री अनिल विज
हरियाणा में सरपट दौड़ी सुधारों की ट्रेन , 8 प्राथमिक क्षेत्रों में सुधार लागू, 14 अन्य सुधार अगले माह तक होंगे लागू हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर मुख्यमंत्री ने शहीद राव तुलाराम को किए श्रद्धा सुमन अर्पित पानीपत के डाडोला में 53 लाख रुपए से बनेगा भव्य अंबेडकर भवन, गांव के विकास को मिलेगी नई रफ्तार एनएचएम के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत अंतर-जिला पुनर्नियोजन के संबंध में नई दिशा-निर्देश जारी केएमपी एक्सप्रेसवे व 152 डी विकसित भारत-2047 की बनेंगे शान: राव नरबीर सिंह
किसान की लागत घटे और आय बढ़े, वही तकनीक असली इनोवेशन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
अमर शहीद राव तुलाराम के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह धान खरीद को लेकर तैयारियां पूरी, किसानों से संयम बरतने की अपील: श्याम सिंह राणा एचएसआरडीसी में श्रीमती गार्गी कक्कड़ स्वतंत्र निदेशक नियुक्त