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Haryana

मनोहर लाल के जन्मदिन 5 मई पर खास,लालों के लाल में सबसे अलग रहे मनोहर लाल

May 04, 2024 03:41 PM

पंजाब से अलग सूबा बनने के बाद हरि के प्रदेश हरियाणा की राजनीति में हमेशा लालों का ही दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहने वालों में देवीलाल, भजनलाल, बंसीलाल और मनोहरलाल की तूती प्रदेश में ही नहीं देशभर में बोली है। राजनीतिक कोठरी में साढ़े नौ साल रहने के बाद भी मनोहरलाल ही ऐसे मुख्यमंत्री रहे जो बेदाग और बेबाक रहे। उनकी समर्पित छवि से ही उन्हें राजनीतिक संत की उपाधि मिली है।
देशां म्ह देश हरियाणा में लालों के सरताज बन चुके मनोहरलाल आरएसएस की भट्टी में सोने की तरह तपे और कुंदन की तरह निकले। मनोहरलाल में वह सभी गुण हैं जो उन्हें राजनीतिक रंगमंच की दुनिया में आम राजनेता में सबसे अलग करते हैं। बिना राग-द्वेष व लाग-लपेट के साफगोही से बात कह देने में उनका कोई सानी नहीं हैं। मनोहरलाल डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन उनके हाथ की लकीरों में कुछ ओर ही लिखा था। करीब से जानने वालों को ही पता है कि मनोहरलाल में एक मासूम बच्चा बसता है। संघ दीक्षित होने के कारण वाकपटुता में उनका कोई तोड़ नहीं है। 50 साल तक बैसाखी के सहारे चलने बाली बीजेपी को उन्होंने हरियाणा में अपने पांव पर खड़ा कर दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में मनोहरलाल अजात शत्रु हैं। लंबी राजनीतिक पारी खेलने में बावजूद पाक दामन है। राजनीति के चाणक्य मनोहरलाल लूट की मंशा रखने वालों को धागे से मक्खन की तरह काटते है। सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर खास और आम के बीच के अंतर को खत्म कर दिया। राजनीति के पुरोधा, संगठन के चतुर शिल्पी, प्रशासन के खिलाड़ी मनोहरलाल ने राजनीति को अलग तरीके से परिभाषित किया। मुख्यमंत्री निवास से नौकरियां विधायकों में बंटती थी, लेकिन मनोहर सरकार में पात्र को ही दिए जाने से मुख्यमंत्री निवास पारदर्शिता बरतते हुए पवित्र हो गया है।
भय, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद जैसी दुष्प्रवृत्तियों पर किया कड़ा प्रहार
मनोहरलाल का मानना है कि शासन के कुछ मूल आधारों को छोडक़र समय के अनुसार सुधार की गुंजाइश सदैव बनी रहती है। मानव समाज की बदलती प्रवृत्तियों, मान्यताओं और नई आवश्यकताओं के अनुसार शासन को अनुकूल बनाए रखने के लिए इसमें परिवर्तन किए जाते रहे हैं । ऐसा होने पर ही यह सुशासन बन पाता है, लेकिन शासकों की मानसिकता पर यदि यथास्थितिवाद हावी हो जाए तो शासन को सुशासन बनाए रखने वाली परिवर्तन की यह धारा कुंद हो जाती है अ प्रशासन में जड़ता आ जाती है। इसी के साथ शासन जनसेवा के अपने लक्ष्य से दूर होता जाता है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद ही प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाकर इसे और अधिक उत्तरदायी बनाने का संकल्प व्यक्त किया था। ऐलान किया था कि अपारदर्शी निर्णय-प्रक्रिया तथा संसाधनों के भेदभावपूर्ण बंटवारे से दक्षता से निपटेंगे। जब जनसेवा का दायित्व संभाला तो इस संकल्प को साकार करने के लिए ऐसा सिस्टम बनाना बड़ी चुनौती थी जो पारदर्शी, निष्पक्ष व संवेदनशील हो और जिस तंत्र में लोगों की भी भागीदारी सुनिश्चित हो। ऐसा सिस्टम बनाने का काम पहली बार शपथ लेते ही शुरू कर दिया था। एक-एक कर ऐसे सभी नियम, कानून व प्रावधान बदले जो समय प्रासंगिक नहीं रह गए थे। इससे भय, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद आदि दुष्प्रवृत्तियों पर कड़ा प्रहार हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ई-गवर्नेंस से गुड गवर्नेंस की राह दिखाई और प्रदेश ने राह पर चलते हुए सुशासन से सेवा को सुनिश्चित किया। वर्ष 2020 को सुशासन संकल्प वर्ष और वर्ष 2021 को सुशासन परिणाम वर्ष मनाया, क्योंकि वर्ष 2014 से जो बदलाव ला रहे थे, उनके परिणाम आने शुरू हो गए थे। मनोहर कार्यकाल में हुए विकास की झलक देखिए-
घर बैठे मिल रहे योजनाओं के लाभ
अब सरकारी सेवाओं व योजनाओं के लाभ घर बैठे मिलने लगे हैं। प्रदेश के नागरिक को हक लेने के लिए किसी के आगे गिड़गिड़ाना नहीं पड़ता। युवाओं को रोजगार के लिए सिफारिशें ढूंढते नहीं फिरना पड़ता। योजनाओं व जनसेवाओं को ऑनलाइन करने से सरकारी तंत्र खुली किताब की तरह पारदर्शी बना है। साढ़े नौ बरस में हरियाणा सद्भाव, सौहार्द, समान विकास, समरसता, सहिष्णुता के साथ-साथ उन बदलावों का साक्षी रहा है, जिससे जनमानस का जीवन सरल, सुगम एवं सुरक्षित हुआ है। व्यवस्थाएं जब घर तक पहुंचने लगती हैं, तो जीवन कैसे बदलता है, यह प्रदेशवासी अब महसूस कर रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन और सुशासन से सेवा के संकल्प के परिणामों की लंबी फेहरिस्त मनोहर सरकार की देन है।
सबतै आग्गै म्हारा हरियाणा
-पढ़ी-लिखी पंचायतों वाला देश का एकमात्र राज्य महिलाओं को पंचायतों में 50 प्रतिशत भागीदारी।
-मेरा पानी, मेरी विरासत के तहत पानी बचाने के लिए 71,000 एकड़ में धान की जगह वैकल्पिक फसल।
-हर जिले में महिला पुलिस थाना तथा साइबर अपराध थाना।
-निरोगी हरियाणा के तहत 32 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लगभग 1.77 करोड़ मुफ़्त टेस्ट।
-न खर्ची, न पर्ची का नारा देकर योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरिया दी गई।
-पीएम कुसुम योजना से देश में सर्वाधिक 62,578 सोलर पंप स्थापित किए व 70,000 पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू।
-ऑटो अपील सिस्टम में राइट टू सर्विस एक्ट को सही मायने में लागू किया, 9 लाख शिकायतों का ऑटोमेटिक समाधान।
-हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए व मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढक़र 15 व एमबीबीएस सीटों की संख्या 700 से बढक़र 2185।
-सीएम विंडो से 11 लाख जनशिकायतों का पारदर्शिता से समाधान।
-एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद करने वाला पहला राज्य।
-डायल 112 से 20 लाख आपातकालीन कॉल्स पर औसतन 8 मिनट में सहायता।
-अंत्योदय सरल पोर्टल से 54 विभागों की 675 योजनाएं ऑनलाइन, 10 करोड़ से अधिक सेवाएं प्रदान कीं।
-विवाह शगुन योजना से पात्र परिवारों की बेटियों की शादी पर 71,000 तक का शगुन।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बेमिसाल
-एनसीआर क्षेत्र में बिछा मैट्रो का जाल।
-5618 करोड़ की लागत से हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर।
-70 हजार करोड़ की लागत से क्षेत्रीय रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (नमो भारत ट्रेन) पर काम शुरू।
-हिंदी आंदोलन के मातृभाषा सत्याग्रहियों तथा आपातकालीन पीडि़तों व विधवाओं को सम्मान व मासिक पेंशन।
परिवार पहचान पत्र
-नागरिकों को दफ्तर, दस्तावेज व दरखास्त से मुक्ति।
-इस एक ही पत्र से सभी योजनाओं का लाभ घर बैठे, 71 लाख परिवारों के 2.83 करोड़ सदस्यों का डेटा हुआ अपडेट।
-पीपीपी से 397 सेवाओं व योजनाओं को जोड़ा गया, 45 लाख परिवारों ने लाभ उठाया।
-1.40 लाख वृद्धजनों तथा 14 हजार दिव्यांगजनों को घर बैठे पेंशन का लाभ।
-ऑटोमेटिकली घर 39 लाख बीपीएल राशन कार्ड तथा 57 लाख आयुष्मान भारत चिरायु कार्ड बने।
-निरोगी हरियाणा योजना के तहत 32 लाख से अधिक गरीब लोगों के स्वास्थ्य की जांच।
-मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ घर बैठे सीधा खाते में।
- घर बैठे जाति एवं आय प्रमाण-पत्र ऑनलाइन।
अंत्योदय- वंचित को मिला हक
-मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में सबसे गरीब 50 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण।
-आयुष्मान भारत चिरायु योजना से 86 लाख आयुष्मान चिरायु कार्ड बनाए, 8.50 लाख मरीजों के इलाज के लिए 1,088 करोड़ रुपए के क्लेम दिए, अब इसमें 3 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवार भी 1500 रुपए वार्षिक अंशदान पर शामिल।
-निरोगी हरियाणा योजना में 32 लाख व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच व 1.77 करोड़ टेस्ट नि:शुल्क।
-प्रधानमंत्री आवास योजना से 43,201 लोगों को अपना घर मिला, 16 हजार मकान निर्माणाधीन, 926.44 करोड़ रुपए की अनुदान राशि लाभार्थियों को वितरित।
-दयालु योजना से 1.80 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवार के सदस्यों की मृत्यु या दिव्यांग होने पर 5 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता।

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