कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत एवं लोक वाद्य कला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 16 अक्टूबर 2026 को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय नगाड़ा (बंचारी) प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। मल्टी आर्ट सेंटर में आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश की पारंपरिक नगाड़ा वादन कला को संरक्षण प्रदान करने के साथ साथ लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में हरियाणा के मूल निवासी कलाकार ही भाग ले सकेंगे तथा प्रतिभागियों को अपने साथ आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक दल में 10 कलाकारों का होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त सभी दलों की प्रस्तुति हरियाणवी लोक परिधान एवं वेशभूषा में होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रत्येक दल को प्रस्तुति के लिए तीन से पांच मिनट का समय दिया जाएगा। प्रस्तुति पारंपरिक रसिया गायन अथवा हरियाणा के पारंपरिक लोक संगीत पर आधारित होनी अनिवार्य है। फिल्मी धुनों का प्रयोग वर्जित रहेगा। इसके साथ ही प्रस्तुति में प्राचीन परंपरा के अनुरूप पारंपरिक लोक वाद्य यन्त्रों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इन नियमों का उद्देश्य लोक संगीत की मौलिकता और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को तीन आकर्षक एवं पांच सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 75,000 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 65,000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दल को 55,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पांच सांत्वना पुरस्कार में प्रत्येक विजेता दल को 10,000 रुपये की राशि मिलेगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए दलों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रत्येक कलाकार केवल एक ही दल के साथ प्रस्तुति दे सकता है। यदि कोई कलाकार दूसरे दल में भी पाया जाता है, तो संबंधित दल को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले कलाकारों को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता नहीं दिया जाएगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
उन्होंने बताया कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा की यह पहल प्रदेश की पारंपरिक लोक कलाओं को नई पहचान देने, लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य स्तरीय नगाड़ा-(बंचारी) प्रतियोगिता के माध्यम से हरियाणा की लोक परंपराओं, संगीत और सांस्कृतिक गौरव को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।