हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा पर चलते हुए युवा आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें। विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ें। दुनिया में हर क्षेत्र में हरियाणा और भारत का नाम रोशन करें। साथ ही अपने संस्कारों, संस्कृति और अपनी जड़ों से भी जुड़े रहें। युवाओं के जीवन में आधुनिकता, मर्यादा, प्रतिभा, विनम्रता, सफलता और सेवा का भाव भी हो। यही हमारी संस्कृति की ताकत है और यही 'विकसित भारत-विकसित हरियाणा' की मजबूत नींव बनेगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लाडवा, कुरुक्षेत्र के शिवाला रामकुंडी में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी महोत्सव में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व राज्य मंत्री सुभाष सुधा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी की देशवासियों और प्रदेशवासियो को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने वामन द्वादश मेला समिति को 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जन्म अष्टमी हमारे लिए धर्म, कर्तव्य, सत्य, साहस, प्रेम और लोक-कल्याण के उस महान संदेश का उत्सव है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण जी ने अपने जीवन के माध्यम से मानव मात्र को दिया। कान्हा का जन्म हमें यह विश्वास दिलाता है कि परिस्थितियां कितनी ही कठिन क्यों न हों, अन्याय कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, यदि मनुष्य सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग है तो आखिर में विजय उसी की होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्म कारागार में हुआ। परिस्थितियां प्रतिकूल थीं। चारों ओर अन्याय का वातावरण था, लेकिन उसी अंधकार के बीच आशा की एक किरण ने जन्म लिया और वह किरण आगे चलकर अधर्म के अंत का कारण बनी। यही जन्म अष्टमी का सबसे बड़ा संदेश है कि अंधकार चाहे कितना ही गहरा क्यों न हो, प्रकाश को जन्म लेने से कोई नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने कभी जीवन से पलायन का संदेश नहीं दिया। उन्होंने चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी। अन्याय के सामने मौन रहना धर्म नहीं है। जो सही है, उसके पक्ष में खड़ा होना ही सच्चा धर्म है। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण जी हमारे जीवन के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन से हमें यही शिक्षा मिलती है कि महानता पद में नहीं, व्यवहार में होती है। भगवान होकर भी उन्होंने सुदामा की मित्रता का सम्मान किया। उन्होंने गोवर्धन उठाकर समाज की रक्षा की। उन्होंने द्रौपदी की पुकार सुनी। उन्होंने अर्जुन के रथ का सारथी बनना स्वीकार किया। उनका पूरा जीवन हमें सिखाता है कि जो व्यक्ति दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनता है, वही वास्तव में बड़ा होता है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हम उस कुरुक्षेत्र की पवित्र धरा का हिस्सा हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने पूरी मानवता को श्रीमद्भगवद् गीता के माध्यम से कर्म योग का अमर संदेश दिया। यह वही भूमि है, जहां मोह में पड़े अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण जी ने कर्म का मार्ग दिखाया। इस भूमि पर रहना हमारे लिए गर्व की बात है। जीवन में कठिनाई देखकर कर्तव्य से पीछे नहीं हटना है। फल की चिंता छोड़कर पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपना कर्म करते जाना है। मेरे लिए भी सार्वजनिक जीवन में गीता का यही संदेश प्रेरणा का स्रोत रहा है। जनसेवा मेरा कर्तव्य है और इस कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाना ही मेरा धर्म है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी का जीवन आपके लिए भी विशेष प्रेरणा है। युवा अवस्था केवल आयु का नाम नहीं, ऊर्जा, संकल्प और साहस का नाम है। श्रीकृष्ण जी ने युवा अवस्था में ही अत्याचार का सामना किया। समाज को संगठित किया और धर्म की स्थापना के लिए कठिन से कठिन निर्णय लिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज हमारे युवाओं के सामने भी अनेक चुनौतियां हैं। प्रतिस्पर्धा है, भटकाव है, नशे और नकारात्मकता का खतरा है। ऐसे समय में गीता का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। युवा अपने लक्ष्य पर ध्यान रखे। मेहनत कीजिए, अपने माता-पिता का सम्मान कीजिए। शरीर को स्वस्थ रखिए। नशे से दूर रहिए और अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाइए। जिस दिन युवा अपने भीतर की शक्ति पहचान लेंगे, उस दिन आपके लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहेगा।
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के नए शिखरों की ओर बढ़ रहा है भारत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए विकास के नए शिखरों की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में भारत दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि आधुनिक विकास और प्राचीन संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। एक ओर देश डिजिटल तकनीक, विज्ञान, अंतरिक्ष और आधुनिक बुनियादी ढांचे में आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर हमारी आस्था, परंपराएं तथा सांस्कृतिक विरासत नए आत्म-विश्वास के साथ दुनिया के सामने प्रतिष्ठित हो रही हैं। यही नया भारत है, जो अपनी जड़ों से जुड़ा है और भविष्य की ओर आत्म-विश्वास से बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता किसी जन-प्रतिनिधि पर विश्वास करती है तो वह विश्वास उसे दिन-रात जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि लाडवा के विकास, सुविधाओं के विस्तार और यहां के प्रत्येक परिवार के जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है और आगे भी ऐसी ही चलता रहेगा। इस अवसर पर विभिन्न स्कूली छात्रों द्वारा बेहतरीन प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया