हरियाणा युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग द्वारा आज पंचकूला में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) पर राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन ने की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री राजीव रंजन ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना भारत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को देश की शीर्ष 2,000 कंपनियों में छह से नौ माह की अवधि के लिए इंटर्नशिप का अवसर उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक इंटर्न को प्रतिमाह 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें कार्यस्थल पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के साथ-साथ प्रतिष्ठित कंपनियों में नियमित रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
प्रधान सचिव ने बताया कि कक्षा 10वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, स्नातक अथवा स्नातकोत्तर उत्तीर्ण ऐसे अभ्यर्थी, जो वर्तमान में पूर्णकालिक रोजगार में कार्यरत नहीं हैं, वे कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना पोर्टल पर आवेदन करने के पात्र हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा अन्य शिक्षण संस्थानों से पात्र विद्यार्थियों एवं उत्तीर्ण युवाओं को योजना में पंजीकरण के लिए प्रेरित करने और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने आगे बताया कि मासिक वित्तीय सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक चयनित इंटर्न को 6,000 रुपये की एकमुश्त आकस्मिक अनुदान राशि भी प्रदान की जाती है, जिसे भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दो किस्तों में जारी किया जाता है। इसके अलावा, इंटर्न को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के समकक्ष जीवन एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ भी प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सरकारी विभागों को योजना के उद्देश्यों, पात्रता, पंजीकरण प्रक्रिया एवं प्रभावी क्रियान्वयन रणनीति के प्रति जागरूक करना है। प्रतिभागियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अधिकतम युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा हरियाणा के पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने का आग्रह किया गया।
कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं कुलसचिव, भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधिकारी, उद्योग एवं वाणिज्य, उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा स्कूल शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय पॉलिटेक्निक एवं राजकीय आईटीआई के प्राचार्य एवं प्लेसमेंट अधिकारी, फिक्की (एफआईसीसीआई) और सीआईआई (सीआईआई) के प्रतिनिधियों सहित कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा के अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के क्रियान्वयन के लिए कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया है। विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए राज्यभर में योजना के प्रभावी एवं व्यापक क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।