हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्किट (आईआईएचएम) गनौर परियोजना राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, इससे किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा।
श्री राणा आज चंडीगढ़ में हरियाणा राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड, गन्नौर की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टीकल्चर मार्केट से संबंधित मुख्यतः 6 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गन्नौर मंडी आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों की पहली पसंद बनेगी। इसे किसानों और व्यापारियों के लिए एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और आसपास के राज्यों के किसानों को उनकी फल, सब्जी और बागवानी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म करना है।
श्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होने के कारण यहाँ न केवल आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और सुलभ लॉजिस्टिक्स के ज़रिए देश-विदेश के बड़े व्यापारी सीधे किसानों से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने और इसी माह बिजनेस प्लान आवंटित होने के साथ ही यह मार्केट जल्द ही एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में उभरेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा।
कृषि मंत्री ने शेष बचे कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, मीटिंग में शेड नंबर 14 और फॉल्स सीलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट को सुचारू और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने हेतु निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिसे इसी माह के भीतर आवंटित कर दिया जाएगा।
इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक ,निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्य प्रशासक श्री धर्मेंद्र सिंह, वित्त विभाग के स्पेशल सचिव श्री मनोज कुमार और चीफ इंजीनियर श्री मोहिंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।