भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'समग्र शिक्षा' कार्यक्रम के तहत हरियाणा के लिए 1,639.02 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्य योजना और बजट (AWP&B) को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में आयोजित पीएबी की बैठक में मिली इस मंजूरी के तहत बजट को केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में साझा किया जाएगा।
हरियाणा सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहाँ जानकारी देते हुए बताया कि उक्त बैठक के दौरान मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा को मजबूत करने और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हरियाणा के निरंतर प्रयासों की सराहना की। यूडीआईएसई+ (UDISE+) 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बिजली और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था, और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लगभग शत-प्रतिशत स्कूलों में पहुंच चुकी हैं।
इसके अलावा, हरियाणा ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) का भी लगभग सार्वभौमिक कवरेज हासिल कर लिया है और राज्य में छात्रों की अगली कक्षा में जाने की दर (ट्रांजिशन रेट) राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, जबकि स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना में नवाचार, प्रौद्योगिकी और छात्र-केंद्रित शिक्षण सुधारों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना की एक मुख्य विशेषता राज्य द्वारा प्रस्तावित दो अनूठी पहल - 'स्प्रिंट' (स्पोर्ट्स प्रिपयर्डनेस एंड रेजिलिएंस थ्रू इंटेंसिव नचरिंग एंड ट्रेनिंग) और स्कूलों में 'बैंड सेट' का प्रावधान शामिल होना है।
पीएबी ने 377.61 लाख रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ राज्य के सभी जिलों में 'स्प्रिंट' कार्यक्रम को लागू करने की मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को पहचानना, छात्रों की शारीरिक फिटनेस को मजबूत करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, पिछले दो वर्षों में शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित जोनल स्तरीय स्कूल बैंड प्रतियोगिताओं में हरियाणा के सरकारी स्कूलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए, राज्य के प्रत्येक जिले के एक चयनित चीफ मिनिस्टर एक्सीलेंस एंड अर्ली इंग्लिश' (CMEEE) स्कूल के लिए बैंड सेट प्रदान करने हेतु 44 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि वार्षिक कार्य योजना निपुण भारत मिशन के तहत बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) हासिल करने के लिए हरियाणा की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है, जिसके लिए वर्ष 2026-27 के दौरान 53.02 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस राशि का उपयोग शिक्षक प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री (TLM), छात्र मूल्यांकन और शैक्षणिक सहायता के लिए किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि तीसरी कक्षा तक का हर बच्चा अपनी उम्र के अनुकूल बुनियादी साक्षरता और गणित कौशल हासिल कर सके।
इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत स्कूल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के लिए समावेशी शिक्षा, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने, व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार और एससीईआरटी (SCERT) व 21 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) के माध्यम से शैक्षणिक सहायता को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा हरियाणा इन सभी स्वीकृत गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार कर रहा है ताकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान इन फंडों का शत-प्रतिशत और सही उपयोग सुनिश्चित करके बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल किए जा सकें।