हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बिजली की तर्ज पर पेयजल के लिए आने वाली समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। सभी नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाना सरकार की जिम्मेवारी है। पेयजल के लिए फण्ड की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री हरियाणा जल आपूर्ति एवं सिवरेज बोर्ड की 59वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए। कोई शिकायत आती है तो उसके लिए क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। पेयजल समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल के बिछाई गई सभी पुरानी एवं कण्डम पाईप लाईनों को बदलने का कार्य किया जाए ताकि उनमें गंदे पानी की मिलावट न हो सके।
इस पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत करवाया कि 1245 किलोमीटर पानी की लाईन बदलने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलघरों के लिए खुले में पानी भेजने की बजाय पाईप लाईन से भेजने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए सर्वे कर प्रोपेजल तैयार किया जाए। इसी प्रकार ओवरफलो सिवरेज एवं ढक्कन टुटे एवं खुले है उन समस्याओं का भी तत्काल समाधान तत्काल किया जाए।
*घग्गर में गंदा पानी डालने से रोकने के लिए करें प्रस्ताव तैयार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की तरह घग्गर नदी में कहीं भी गंदा पानी न डाला जाए। इसके लिए भी अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अलावा जल घरों पर सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जाए। उन्होंने कहा कि महाग्राम योजना में शामिल गांवों में सिवरेज लेवल की सही जांच की जाए। इन गांवों में सिवरेज के पानी की सही तरीके से निकासी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ढाणियों में रहने वाले लोगों के पेयजल सुलभ करवाने के लिए भी सर्वे किया जाए। सरकार द्वारा गरीब लोगों के लिए मुहैया करवाए जा रहे 100-100 वर्ग गज के प्लाटों वाली कालोनियों में भी पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। बरसात से पूर्व सभी शहरों में सिवरेज की सफाई पुख्ता की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल, एसटीपी, सिवरेज आदि की जांच के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया जाए। इनमें स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, एचएसवीपी के अधिकारियों को शामिल किया जाए, जो पानी की गुणवता, एसटीपी का बीओडी आदि चैक कर उसकी रिपोर्ट के साथ सुझाव भी प्रस्तुत करेगी।
* पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी, हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए बनाएं विशेष रणनीति*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी तथा हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। इसके अलावा पिंजौर, मोरनी, कालका क्षेत्र के लिए जल घर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल्या डैम में बरसात के दिनों में अधिक से अधिक पानी एकत्र हो सके। इसकी क्षमता बढाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाए।
जल आपूर्ति सिवरेज बोर्ड की बैठक में साल 2026-27 के लिए राज्य में पेयजल, सिवरेज एवं स्वच्छता अवसरंचना को सुदृढ करने के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। पिछले साल के दौरान 1330 विकास कार्य पूरे किए गए जिनमें 1000 ग्रामीण क्षेत्र तथा 330 शहरी क्षेत्र के कार्य है। इस अवधि में 82 नहरी आधारित जलधर, 254 नलकूप , 91 बस्टिंग स्टेशन, तथा 4300 किलोमीटर से अधिक जलापूर्ति पाईप लाईन बिछाई गई। इसके अलावा विभिन्न शहरों में 150 किलोमीटर सिवरेज लाईन भी डाली गई।
आयुक्त एवं सचिव पंकज यादव ने बताया कि राज्य में पेयजल आपूर्ति एवं सिवरेज सुविधाओं के सुधार हेतू चालू वित वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। इस कार्य योजना में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की 712 नई संवर्धन सुधार योजनााअें को 2534.39 करोड़ की लागत से स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि विभाग गुणवतापूर्ण पेयजल, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं तथा आधुनिक जल प्रबंधन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्व है।
बैठक में जनस्वास्थय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल यादव, पर्यावरण विभाग के महानिदेशक विनय प्रताप सिंह, पीएमडीएम के सीईओ एवं सूचना एंव जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, ईआईसी देवेन्द्र दहिया सहित जल बोर्ड, तालाब अथोरटी, सफाई कर्मी अथोरटी के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।