हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप प्रदेश की 12 फुट चौड़ाई की सभी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का कार्य मार्च 2027 तक अवश्य पूरा कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बृहस्पतिवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सुविधा के लिए सड़कों का अच्छी हालत में और समुचित चौड़ाई का होना आवश्यक है। इसके लिए पूर्व में की गई मुख्यमंत्री घोषणा के अनुरूप प्रदेश में सभी 12 फुट की सड़कों की चौड़ाई को 18 फुट किया जाए। यह कार्य इस वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले पूरा किया जाए। इस कार्य की स्थिति पूछने पर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस समय प्रदेश में 3240 किलोमीटर लंबी लिंक रोड 12 फुट चौड़ाई की हैं जिन्हें 18 फुट चौड़ा किया जा रहा है। इनमें से 1696 किलोमीटर लंबी सड़कों के चौड़ाकरण का कार्य प्रगति पर है तथा शेष 1544 किलोमीटर सड़कों को इसी वर्ष 18 फुट चौड़ा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता, इन पर साईन बोर्ड, बर्म व सफेद पट्टी लगवाना भी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में धूल-मिट्टी, व प्रदूषण को कम करने के लिए सड़कों के आसपास पेवर-ब्लॉक अथवा घास लगवाया जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए प्रथम चरण हेतु 6 शहरी क्षेत्रों की 368 किलोमीटर लंबाई की 138 सड़कें चिह्नित की गई हैं। इसके तहत सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, रोहतक व करनाल जिलों में सड़कों के आसपास टाईलें व ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह कार्य नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
प्रदेश में रेलवे क्रॉसिंग की फाटकों को मानव रहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह कार्य अलग-अलग विभागों व रेलवे के माध्यम से किया जा रहा है, कुछ स्थानों पर रेलवे की परमिशन के कारण कार्य पूरे नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां रेलवे की अनुमति के कारण कार्य अटके हुए हैं उनकी सूची तैयार करें, वे स्वयं रेल मंत्री से मिलकर इन अड़चनों को दूर करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के स्तर पर किए जाने वाले कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरे करवाए जाएं।
बाईपास के निर्माण कार्यों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने आमजन की सुविधा के लिए प्रदेश में बनाए जा रहे सभी बाईपास के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में निर्माणाधीन 17 में से 4 बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है, कुछ पर कार्य चल रहा है और कुछ स्थानों पर जमीन की कमी आड़े आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन अधिग्रहण का कार्य संबंधित उपायुक्तों के माध्यम से प्राथमिकता से पूरा करवाएं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में बने एलिवेटिड ट्रैक के नीचे हल्के वाहनों के लिए सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
2028 तक हर भवन पर होगा सोलर पैनल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी भवनों, गोदामों, मार्केट कमेटी के शैड तथा सभी घरों पर सोलर पैनल लगाने की कार्ययोजना बनाई जाए ताकि प्रदेश को बाहर से बिजली खरीदने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि 2028 तक प्रदेश में एक भी भवन ऐसा न बचे जिस पर सोलर पैनल न लगा हो। इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के साथ-साथ निजी कंपनियों की भी मदद ली जाए। इसके लिए आमजन को केंद्र के अलावा प्रदेश सरकार द्वारा भी अलग से सब्सिडी दी जाएगी। औद्योगिक इकाइयों में सोलर पैनल लगाने के लिए आकर्षक योजना तैयार करने और बिल्डिंग कोड में आवश्यक संसोधन करने के संबंध में भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए।
हर 50 किलोमीटर पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन लगेगा
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में सभी नए बनने वाले सरकारी भवनों में ईवी चार्जिंग स्टेशन का प्रावधान किया जाए जिसके लिए केंद्र सरकार आर्थिक सहायता देती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर 50 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक ईवी चार्जिंग स्टेशन जरूर होना चाहिए ताकि आमजन में ईवी वाहनों के प्रति रुझान बढ़े। उन्होंने सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने की कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए।
जिलों में बनेंगे नए विश्राम गृह
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र सहित अन्य जिलों में नए विश्राम गृह बनाने के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि 15 अगस्त को प्रदेश में एक साथ नए विश्राम गृहों का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में 78 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया विश्राम गृह बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभाग की अन्य कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती तथा ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।