चंडीगढ़- मंगलवार 26 मई की रात हरियाणा सरकार द्वारा किया गये ताज़ा प्रशासनिक फेरबदल में प्रदेश में दो जिलों में डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) के तौर पर महिला आई.ए.एस. अधिकारियों को तैनात किया गया है. जहाँ 2013 बैच की आई.ए.एस. मंदीप कौर को चरखी दादरी जिले का वहीँ 2017 बैच की डॉ. वैशाली शर्मा को जींद जिले का डी.सी. तैनात किया गया है.
इसी बीच हरियाणा के शासकीय और प्रशासनिक तंत्र पर पैनी निगाह रखने वाले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि अभी गत सप्ताह 18 मई को ही 2018 बैच की महिला आई.ए.एस. अधिकारी वर्षा खंगवाल को झज्जर जिले का डी.सी. तैनात किया गया था.
उन्होंने बताया कि उपरोक्त तीन महिला आई.ए.एस. अधिकारियों के अलावा मौजूदा तौर पर यमुनानगर जिले में 2015 बैच की महिला आई.ए.एस. प्रीति, सोनीपत जिले में 2015 बैच की महिला आई.ए.एस. नेहा सिंह, कैथल जिले में 2018 बैच की अपराजिता और महेंद्रगढ़(नारनौल) जिले में 2018 बैच की अनुपमा अंजलि बतौर डी.सी. तैनात हैं. इस प्रकार अब आज के तारीख में प्रदेश के कुल 23 जिलों के एक-तिहाई जिलों अर्थात सात में महिला आई.ए.एस. अधिकारी बतौर डी.सी. तैनात हैं. इन सात में से दो मंदीप कौर और वर्षा खंगवाल हरियाणा सिविल सेवा (एच.सी.एस.) से प्रोमोट होकर आई.ए.एस. बनी थीं.
हेमंत ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति आई.ए.एस. अधिकारी बनता है, बेशक वह यू.पी.एस.सी. (संघ लोक सेवा आयोग ) द्वारा प्रति वर्ष आयोजित आल इंडिया सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर अर्थात सीधी भर्ती में चयनित होकर आईएएस बना हो अथवा प्रदेश सिविल सेवा (एस.सी.एस. ) से प्रमोट होकर या गैर राज्य सिविल सेवा (नॉन-एस.सी.एस. ) कोटे से चयनित होकर आई.ए.एस. बना हो, उसकी सबसे पहले यही चाह होती है कि वह जल्द ही अपने प्रदेश के किसी ज़िले का डी.सी. तैनात हो.
बहरहाल, हेमंत ने हरियाणा के सभी ज़िलों में मौजूदा तैनात डी.सी. के आधिकारिक रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद बताया कि वर्तमान में प्रदेश के कुल 23 ज़िलों में से 4 में डी.सी. के पद पर एच.सी.एस. से पदोन्नत होकर जबकि 3 में नॉन-एच.सी.एस. कोटे से चयनित होकर आईएएस बने अधिकारी तैनात है.
वहीं प्रदेश के 16 ज़िलों में यू.पी.एस.सी. की सीधी भर्ती में चयनित होकर आई.ए.एस. नियुक्त हुए एवं जिन्हें हरियाणा कैडर आबंटित हुआ, वह बतौर जिलों के डी.सी. तैनात है. हालांकि कुछ वर्ष पूर्व प्रदेश में एच.सी.एस. से प्रमोट होकर आई.ए.एस. बने अधिकारियों का जिले के डी.सी. के पदों पर बोलबाला हुआ करता था जो स्थिति गत कुछ समय में विपरीत हो गयी है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 4 ज़िलों –चरखी दादरी, हिसार, झज्जर और पंचकूला के डी.सी. पद पर तैनात अधिकारी एच.सी.एस. से पदोन्नत होकर आई.ए.एस. बने अधिकारी बतौर डीसी तैनात हैं. इन सभी को आई.ए.एस. में पदोन्नति के साथ ही हरियाणा कैडर अलॉट किया गया था. चरखी दादरी में 2013 बैच की मंदीप कौर, हिसार में 2017 बैच के महेंद्र पाल, पंचकूला में 2017 बैच के सतपाल शर्मा और झज्जर में 2018 बैच की वर्षा खंगवाल बतौर डी.सी. तैनात है.
वहीँ प्रदेश के तीन जिलों फतेहाबाद, पानीपत और पलवल में गैर- राज्य सिविल सेवा कोटे से चयनित होकर आई.ए.एस. बने अधिकारी उपायुक्त के पद पर तैनात है. फतेहाबाद जिले में 2016 बैच के डॉ. विवेक भारती,
पानीपत जिले में 2016 बैच के डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, एवं पलवल जिले में 2016 बैच के डॉ. जेन्द्र कुमार छिल्लर बतौर डी.सी. तैनात हैं. यह सभी अक्टूबर, 2022 में नॉन-एच.सी.एस. कोटे से आई.ए.एस. बने थे जबकि बाद में इन सभी को 2016 के बैच वर्ष आबंटित हो गया था.
हेमंत ने यह भी बताया कि हालांकि देश के कई राज्यों में आई.ए.एस. में सामान्यत: 9 वर्ष से 16 वर्ष की सेवा वाले आईएएस अधिकारी को अर्थात जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के आई.ए.एस. अधिकारियों को जिले का डीसी तैनात किया जाता है हालांकि हरियाणा में हालिया वर्षो में 9 वर्षो से कम सेवा वाले आई.ए.एस. अधिकारियों को भी जिले का डी.सी. तैनात किया जाता रहा है. वर्तमान में 2018 बैच के छ: आई.ए.एस. जबकि 2019 बैच का एक आई.ए.एस. हरियाणा के अलग अलग जिलों में बतौर जिला उपायुक्त तैनात हैं.