प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए गए आह्वान के मद्देनजर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग और ईंधन संरक्षण को लेकर उचित कदम उठाने बारे निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब प्रदेश के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने दोनों विभागों को लेकर इस बाबत सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर प्रभावी कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा के निर्देश पर विभागों में उपयोग किए जा रहे सरकारी वाहनों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान मंत्री कार्यालय की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) में कुल 9 तथा लोक निर्माण विभाग (PWD B&R) में कुल 8 वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश जारी किए गए हैं। ये गाड़ियां विभाग के मुख्यालय तथा संबंधित विभाग में इस्तेमाल में थी। उन्होंने खुद के साथ चलने वाली पायलट गाड़ी को भी हटवा दिया है। पहले उनके साथ पायलट गाड़ी भी चलती थी।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विजन के अनुरूप हरियाणा सरकार ईंधन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सरकारी संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक सरकारी कार्यों और जनहित से जुड़े कार्यों तक ही सीमित रहना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां संभव हो वहां वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा दिया जाए, गैर-जरूरी यात्राओं से बचा जाए तथा वाहन साझा उपयोग (Pooling) को अपनाकर ईंधन की बचत सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को वाहन लॉगबुक और ईंधन खर्च की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों का पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पब्लिक हेल्थ विभाग के 9 और पीडब्ल्यूडी के 8 वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।