पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा स्पीकर द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब दे दिया है। इसके बारे में जानकारी देते हुए हुड्डा ने सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और सरकार को तुरंत प्रभाव से बातचीत करे । जायज मांगो को मानते हुए हड़ताल खत्म करवानी चाहिए।
पूरे प्रदेश में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। हर जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, सड़कों और गलियों में कचरा बिखरा पड़ा है। ऊपर से बारिश का असर भी है, ऐसे में कोई भी खतरनाक बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके भाजपा आँखें बंद करके बैठी हुई है।
यह सिर्फ सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कांग्रेस सरकार के दौरान 10000 ग्रामीण और 11000 शहरी सफाई कर्मियों की भर्ती गई थी। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी सरकार द्वारा नई भर्तियां करना तो दूर, उनकी मांगों तक का संज्ञान नहीं लिया।
हुड्डा ने कहा कि प्रदेशभर की मंडियों में किसान का पीला सोना (गेहूँ) भी बिखरा पड़ा हुआ है। गेहूँ की खरीद के लिए अभी तक पूर्ण व्यवस्था नहीं की गई है। उठान में देरी के चलते भुगतान में भी लगातार देरी हो रही है। हर बार की तरह इस बार भी सरकार के खरीद व भुगतान को लेकर किए गए तमाम दावों की पोल खुल गई है। ना तो यह सरकार समय पर पूरी खरीद कर पाई और न ही समय पर पेमेंट कर पाई।