हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में रविवार को आयोजित विजय पर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत का संकल्प एक जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वर्ष 2014 से देश में परिवर्तन की लहर ने हर क्षेत्र की कायापलट कर दी है। डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं रही है। इस दिशा में डायरेक्ट सेलिंग के माध्यम से बनी युवाओं की पहचान वास्तव में प्रेरणादायक है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र ने 10 गुणा वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2015 में तीन हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा वर्ष 2025-26 में बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मंत्री श्री विपुल गोयल, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक श्री मुकेश शर्मा, विधायक बिमला चौधरी, कार्यक्रम आयोजक संजीव कुमार और संदीप हिन्दुस्तानी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में पधारे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने विजय पर्व कार्यक्रम को भारत के बदलते स्वरूप, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों और युवाओं के आत्मविश्वास का उत्सव कह कर संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में हनुमान चालीसा वाचन का विश्व रिकॉर्ड बनाने पर खुशी जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा उदाहरण सनातन संस्कृति की वैश्विक गूंज और एकता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजय पर्व के रूप में आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे सशक्त प्रयासों का गुरुग्राम साक्षी बना है। कार्यक्रम में बढ़ी संख्या में पहुंचे युवाओं को देख मुख्यमंत्री ने कहा यह युवा विकसित भारत-विकसित हरियाणा की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रहा है। उन्होंने नौकरियों की तलाश न करके दूसरों को रोजगार देने का काम करने वाले युवाओं को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर युद्धों में विजय प्राप्त करने के दिन को विजय पर्व के रूप में मनाते हैं। गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम संघर्षों पर, निराशा पर और बेरोजगारी पर विजय का पर्व है।
*डायरेक्ट सेलिंग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ हरियाणा- सीएम*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हरियाणा भी डायरेक्ट सेलिंग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। हाल के वर्षों में प्रदेश में इस उद्योग का टर्नओवर लगभग 2000 से 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। करीब छह लाख से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि डायरेक्ट सेलिंग केवल व्यापार नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक इस उद्योग की पहुंच स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। इस क्षेत्र के महत्व को समझते हुए वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए डायरेक्ट सेलिंग नियमों ने इस उद्योग को वैधानिक पहचान, पारदर्शिता और सुरक्षा प्रदान की है। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा साथ ही इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित और सशक्त वातावरण मिला है। यह सरकार की दूरदर्शिता का परिणाम है कि आज डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री संगठित रूप से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कौशल के इस युग में स्किल से सफलता मिलती है। डायरेक्ट सेलिंग में कम्युनिकेशन स्किल, लीडरशिप स्किल, मार्केटिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसे कौशल की जरूरत है। यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें जीवन के असली पाठ पढ़ाए जाते हैं। यहां हर व्यक्ति सीखता है। कठिनाइयों से लड़ता है और असफलताओं को सफलता में बदल कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। डायरेक्ट सेलिंग ऐसा बहुआयामी उद्योग बनकर स्वास्थ्य और वेलनेस, आयुर्वेदिक उत्पाद, न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स, पर्सनल केयर, ब्यूटी और कॉस्मेटिक्स, होम केयर, कृषि उत्पाद, फूड एंड बेवरेज, फैशन और लाइफस्टाइल जैसे अनेक क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यही कारण है कि यह उद्योग हर वर्ग के उपभोक्ता और हर वर्ग के उद्यमी से जुड़ चुका है।
*राज्य सरकार ने विभिन्न प्रयासों के जरिए कारीगर को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाया-सीएम*
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग में विभिन्न कंपनियों के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। हमने उपभोक्ताओं को सीधे उत्पाद पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे कारीगरों, शिल्पियों और बुनकरों आदि को मंच प्रदान किया है। प्रदेश में आजीविका मार्ट, सरस मेले, दिवाली मेला आयोजन के जरिए सीधे उत्पाद बेचने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य सरकार कौशल विकास मिशन, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से डायरेक्ट सेलिंग को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने में जुटी है। युवाओं का जोश, ऊर्जा और संकल्प ही देश का भविष्य तय करेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि इस क्षेत्र में और अधिक मेहनत कर अपने नेटवर्क को मजबूत बनाएं।
*उत्तराखंड सरकार होमस्टे की सुविधा करवा रही उपलब्ध- मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी*
डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत व अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा के दौरान व अन्य स्थल पर यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को उनकी सरकार होम स्टे की सुविधा जैसे विकल्प देकर टूरिज्म को विशेष यादगार अनुभव बनाने के लिए प्रयासरत है। इससे हर श्रद्धालु को दूसरे राज्य में भी अपना घर होने का सुखद अहसास होता है। इसी तरह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मोस्ट फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन व नारी सशक्तिकरण की दिशा में उनकी सरकार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने ऐसे बड़े आयोजन कराने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया।