हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि उनका सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है, क्योकि सेवा सिमरन सोसायटी, गुरुद्वारा रेजिमेंट बाजार, अम्बाला कैंट द्वारा आज कैपिटल चौक से गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब जाने के लिए संगत सेवा फ्री वैन और श्री गुरु नानक की रसोई फ्री लंगर सेवा वैन की शुरूआत की जा रही है।
श्री विज ने यह बात आज कैपिटल चौक, अम्बाला कैंट पर दोनों निशुल्क सेवा वैन के उद्घाटन अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने फ्री वैन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा फ्री लंगर सेवा वैन के माध्यम से लोगों को अपने हाथों से लंगर परोस कर सेवा की।
उन्होंने कहा कि लंगर वैन के माध्यम से कैपिटल चौक, नागरिक अस्पताल अम्बाला छावनी, रेलवे स्टेशन अम्बाला छावनी, बस स्टैण्ड अम्बाला छावनी व अन्य स्थानों पर जरूरतमंदों को लंगर सेवा दी जाएगी तथा दूसरी वैन के माध्यम से श्रद्धालुओं को कैपिटल चौक से गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब तक छोड़ा व वहां से लाया जा सकेगा। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कैपिटल चौक के निकट लोगों को धूप में खड़े होकर वैन का इंतजार न करना पड़े इसके लिए यहां के बैठने के लिए शेड, बेंच, पंखे, पीने के पानी का कूलर लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सेवा सिमरन सोसायटी के इस पुनित कार्य को करने से मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। इससे जरूरतमंद लोगों को फ्री लंगर सेवा के माध्यम से निशुल्क भोजन उपलब्ध होगा। इसके साथ-साथ संगत सेवा वैन से श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा व मंन्दिरों के दर्शन के लिए लाने व ले जाने की फ्री यात्रा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा बहुत सारी संगत श्री पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा दर्शन के लिए पैदल या अपने साधनों से जाती है। इस सुविधा से संगत को श्री पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा व जिले के मंन्दिरों व गुरुद्वारों के दर्शन के लिए फ्री वैन सेवा की सुविधा प्राप्त होगी।
सेवा ही सर्वोत्तम साबुनः आत्मा की शुद्धि और कर्जों से मुक्ति का मार्ग - विज
कैबिनेट मंत्री विज ने कहा कि इंसान को अपने तन-मन को धोने के लिए किसी साबुन या पानी की आवश्यकता नहीं होती, सेवा ही तन-मन को धोने का सर्वाेत्तम साधन है। सेवा से आत्मा शुद्ध होती है, सेवा से व्यक्ति में अच्छे संस्कार आते हैं, सेवा से पूर्व जन्मों के किए गए गलत कार्य भी मिट जाते हैं, सेवा अपने कर्जे उतारने का साधन है। हर व्यक्ति पर इस संसार का कोई न कोई कर्ज जरूर चढ़ा हुआ होता है, उन कर्जों को उतारने का जो परमात्मा ने रास्ता दिखाया है वह सेवा है। जैसे किसी ने आपकी मदद कर दी और आप किसी और की मदद कर दो, ये सिद्धांत है। जो लोग मदद लेने के लिए तो तैयार रहते हैं, लेकिन मदद करने के लिए अपने कदम आगे नहीं बढ़ाते। उनका जीवन हमेशा कड़वाहट भरा हो जाता है।
उन्होंने कहा कि जिन्दगी में मिठास लाने के लिए जो समाज व देश व प्राकृति के हमारे उपर कर्जे हैं, उन्हें सेवा करके उतारा जा सकता है। जो लोग सेवा करते हैं उनका जीवन रसमय हो जाता है, उनके जीवन में मिठास आ जाती है, उनकी वाणी में शुद्धता आ जाती है, उनकी वाणी में ताकत आ जाती है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरे शहर की संस्था सेवा सिमरन सोसायटी कुछ न कुछ लोगों की भलाई के कार्य करती रहती है।